रुड़की के माधोपुर में मनरेगा घोटाले के आरोप निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बीडीओ कार्यालय में प्रदर्शन, जांच से असंतुष्ट ग्रामीणों ने दी चेतावनी
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 06 जून 2026। मधोपुर गांव में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। जांच प्रक्रिया से असंतुष्ट ग्रामीण बड़ी संख्या में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर मामले को दबाने का आरोप भी लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा कार्यों में हुई कथित गड़बड़ियों की शिकायत कई बार की जा चुकी है और विभिन्न स्तरों पर जांच भी हुई है, लेकिन आज तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को शिकायतों की जांच के लिए एबीडीओ सुभाष सैनी और ग्राम सचिव वैशाली गांव पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने मौके पर समुचित निरीक्षण नहीं किया और बिना जांच पूरी किए वापस लौट गए।
जांच टीम पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि जांच टीम ने शिकायतकर्ताओं की बातों को गंभीरता से नहीं सुना और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की अनदेखी की। उनका कहना है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि वास्तविक तथ्यों को सामने लाने का प्रयास नहीं किया जा रहा।
ग्रामीणों का आरोप
“मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन बार-बार शिकायत और जांच के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।”
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पारदर्शी और निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन को और तेज करेंगे।
बीडीओ ने दिया प्रशासन का पक्ष
मामले में खंड विकास अधिकारी सुमन कोठियाल ने बताया कि जांच टीम को तहसीलदार द्वारा निर्धारित बिंदुओं पर जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जिन बिंदुओं की पहले जांच हो चुकी थी, उन्हें छोड़कर अन्य बिंदुओं की जांच की जानी थी।
बीडीओ का बयान
“शिकायतकर्ता सभी बिंदुओं की शुरुआत से जांच कराने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में उनसे लिखित रूप से भी लिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि प्रशासन नियमानुसार कार्य कर रहा है और प्राप्त शिकायतों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तनावपूर्ण बनी हुई है स्थिति
फिलहाल पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन में आदिल रशीद, मोहम्मद उवेश, परवेज, गुलशेर, मुस्तकीम, अनीश, जुनैद, बाबर, नावेद, नईम, मुन्ना, वाहव, मुजीब सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
