हरिद्वार: रिसालत हुसैन को पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद में सदस्य नामित, बोले—जनसेवा को देंगे प्राथमिकता

हरिद्वार। उत्तराखंड शासन ने जनपद हरिद्वार के निवासी रिसालत हुसैन को राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद में “सदस्य” के पद पर नामित किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनका नामांकन कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। इस नियुक्ति को सामाजिक प्रतिनिधित्व और पिछड़े वर्गों की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

जारी पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नामित सदस्य के कर्तव्यों, दायित्वों, अधिकारों और सेवा अवधि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। इससे परिषद के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियुक्तियां शासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्थानीय स्तर पर भी इस नियुक्ति को सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों ने विश्वास जताया है कि रिसालत हुसैन अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए पिछड़े वर्ग के लोगों की समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही, सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी वे महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
अपने नामांकन पर प्रतिक्रिया देते हुए रिसालत हुसैन ने उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय होने के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और पिछड़े वर्ग के लोगों के अधिकार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही वे समाज के सभी वर्गों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
ज्ञात हो कि राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान, उनकी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। ऐसे में रिसालत हुसैन की नियुक्ति से परिषद के कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।






