आईआईटी रुड़की–यूएसएसी देहरादून के बीच एमओयू, अंतरिक्ष विज्ञान में शोध और नवाचार को मिलेगा नया आयाम

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की, 20 अप्रैल 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने अंतरिक्ष विज्ञान और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हुए उत्तराखंड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य शैक्षणिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से उत्तराखंड राज्य से जुड़े अंतरिक्ष अनुप्रयोगों पर फोकस करते हुए।
एमओयू पर हस्ताक्षर आईआईटी रुड़की परिसर में संस्थान के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और यूएसएसी के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत द्वारा किए गए। इस अवसर पर अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के अध्यक्ष प्रो. संजय एच. उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।
यह समझौता तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—शैक्षणिक एवं शोध सहयोग, छात्रों का संयुक्त मार्गदर्शन, और ज्ञान-साझा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन। इसके तहत दोनों संस्थान अंतरिक्ष अनुप्रयोग, भू-स्थानिक तकनीक, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे।
एमओयू के अंतर्गत आईआईटी रुड़की के एम.टेक. और पीएच.डी. छात्रों को यूएसएसी में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और शोध कार्य करने के अवसर मिलेंगे। इससे छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं और आधुनिक प्रयोगशालाओं में कार्य करने का अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही, चयनित छात्रों का मार्गदर्शन दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा, जिससे शोध की गुणवत्ता और व्यावहारिक उपयोगिता को मजबूती मिलेगी।
दोनों संस्थान वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करेंगे। इसके अलावा, हैकाथॉन, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नई तकनीकों के विकास और प्रसार पर जोर दिया जाएगा। इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शोध परिणामों को राज्य के विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए व्यावहारिक समाधान के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस मौके पर प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह साझेदारी आईआईटी रुड़की की अत्याधुनिक शोध क्षमताओं को और सशक्त करेगी तथा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में मददगार साबित होगी। उन्होंने विशेष रूप से अंतरिक्ष विज्ञान और भू-स्थानिक तकनीकों की भूमिका को सतत विकास और आपदा प्रबंधन के लिए अहम बताया।
वहीं, प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ सहयोग यूएसएसी की शोध और नवाचार क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आपदा शमन जैसे क्षेत्रों में प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकेंगे।
कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की से प्रो. अमित अग्रवाल और यूएसएसी से डॉ. सुषमा गैरोला एवं डॉ. नीलम रावत भी मौजूद रहे। यह एमओयू शिक्षा और सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के हित में अंतरिक्ष विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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