January 27, 2026

बजट के बिना कैसे हो विकास? नगर पंचायत अध्यक्षों का फूटा दर्द, सीएम से मिलने की बनाई रणनीति

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। प्रदेश सरकार द्वारा बजट जारी न किए जाने से नाराज नगर पंचायत अध्यक्षों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को पाडली गुर्जर नगर पंचायत अध्यक्ष तौफीक आलम के आवास पर आयोजित बैठक में विभिन्न नगर पंचायतों के अध्यक्षों ने विकास कार्यों के ठप होने पर गंभीर चिंता जताई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर बजट और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग रखी जाएगी। इसके साथ ही नई बनी नगर पंचायतों के अध्यक्षों को संगठित कर एक मजबूत संगठन खड़ा करने की रणनीति भी तैयार की गई।
बैठक में सुल्तानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष ताहिर हसन ने कहा कि नई नगर पंचायतों को बने करीब एक वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक विकास कार्यों के लिए कोई ठोस बजट जारी नहीं किया गया है। नालियों, सड़कों, पार्कों, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य न होने का सीधा असर जनप्रतिनिधियों की छवि पर पड़ रहा है और जनता तथा वार्ड सभासदों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
ढंडेरा नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश नेगी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ढंडेरा क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से बड़ी नगर पंचायत है, लेकिन यहां जल निकासी और सफाई व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। बजट की कमी, पर्याप्त सफाई कर्मचारियों और कूड़ा वाहनों के अभाव में मजबूरी में वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ रही है। तीसरे दिन सफाई करानी पड़ रही है, जिससे लोग असंतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि नाली-नालों के निर्माण, तालाबों की सफाई और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तत्काल बजट और संसाधनों की जरूरत है।
रामपुर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रवेज सुल्तान ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे और नगर पंचायतों को बजट नहीं मिला, तो सभी अध्यक्षों को सामूहिक रूप से त्यागपत्र देने जैसे कठोर कदम पर विचार करना पड़ेगा। उन्होंने चेताया कि बिना संसाधनों के जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना संभव नहीं है।

इमलीखेड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज सैनी ने कहा कि नई बनी नगर पंचायतों को बने एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक विकास कार्यों के लिए कोई ठोस बजट जारी नहीं किया गया है। बजट के अभाव में नालियों, सड़कों, पेयजल, सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसे बुनियादी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और इसका सीधा दबाव जनप्रतिनिधियों पर पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि शीघ्र ही नगर पंचायतों को पर्याप्त बजट, कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। यदि समय रहते मांगें नहीं मानी गईं तो सभी अध्यक्ष मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि नई बनी नगर पंचायतों के अध्यक्षों के साथ अलग से बैठक कर एक साझा संगठन का गठन किया जाएगा, ताकि सभी अपनी मांगों को एक मंच से मजबूती के साथ सरकार तक पहुंचा सकें। इस संगठन को खड़ा करने की जिम्मेदारी ढंडेरा नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश नेगी को सौंपी गई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे पाडली गुर्जर नगर पंचायत अध्यक्ष तौफीक आलम ने कहा कि संगठन के माध्यम से नगर पंचायत अध्यक्ष एकजुट होकर अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सरकार नगर पंचायतों की स्थिति को समझते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी। अध्यक्षों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी संसाधन हासिल करना है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!