“शिक्षा एवं संस्कृति के संगम” पर श्री योगेश्वर पब्लिक स्कूल में भव्य प्रदर्शनी आयोजित

(ब्योरो – दिलशाद खान। KNEWS18)
श्री योगेश्वर पब्लिक स्कूल, ढंडेरा (रुड़की) में “शिक्षा एवं संस्कृति के संगम” विषय पर एक भव्य प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, कला, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं क्षेत्रीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी,जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवी सिंह राणा, शेखर पुंडीर, सोहन सिंह राणा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने विज्ञान, गणित, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल तकनीक, भारतीय इतिहास, लोक कला, संस्कृति एवं परंपराओं से संबंधित विषयों पर आकर्षक मॉडल और चार्ट प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, नवाचार और विषय की स्पष्ट समझ ने सभी आगंतुकों को प्रभावित किया। पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों और भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनों को विशेष सराहना मिली।
मुख्य अतिथि डॉ. कल्पना सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा तभी पूर्ण मानी जाती है, जब उसमें संस्कृति और संस्कारों का समावेश हो उन्होंने विद्यालय द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने भी विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “श्री योगेश्वर पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित ‘शिक्षा एवं संस्कृति के संगम’ विषयक प्रदर्शनी वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायी है। आज की शिक्षा में सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी परंपराओं और संस्कारों को भी समझें। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडल और प्रदर्शनों में रचनात्मकता, नवाचार और सामाजिक चेतना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।”
विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना और उन्हें समाज व संस्कृति से जोड़ना है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह प्रदर्शनी शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का एक प्रेरणादायी उदाहरण साबित हुई।



