January 24, 2026

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)

नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की एक अहम बैठक कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी तथा कांग्रेस महासचिव (संगठन) श्री के.सी. वेणुगोपाल जी ने प्रमुख रूप से सहभागिता की। बैठक का उद्देश्य देश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों की समीक्षा करना तथा पार्टी की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक के दौरान कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की, विशेषकर देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा की स्थापना ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी देने, पलायन रोकने और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों और रवैये के चलते इस योजना की मूल भावना और बुनियादी सिद्धांतों को लगातार कमजोर किया जा रहा है।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने आरोप लगाया कि मनरेगा के बजट में कटौती, काम के दिनों में कमी, मजदूरी भुगतान में लगातार हो रही देरी और जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों को हतोत्साहित किया जा रहा है। इससे करोड़ों गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि कई राज्यों में मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें मजबूरन शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां गरीब विरोधी हैं और मनरेगा को कमजोर करना उसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसे कमजोर करना देश के किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों पर सीधा हमला है।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा जैसी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास की मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी हमेशा गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी और सरकार पर दबाव बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने संगठनात्मक स्तर पर इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने और व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक के अंत में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि पार्टी मनरेगा की मूल भावना की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी और ग्रामीण भारत की आवाज़ बनकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करती रहेगी।

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