रुड़की में क्रिसमस की धूम, ग्रेस असेंबली ऑफ़ गॉड चर्च में आस्था और उल्लास का भव्य संगम

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की।आज देशभर में क्रिसमस का पावन पर्व पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर रुड़की स्थित ग्रेस असेंबली ऑफ़ गॉड प्रार्थना भवन चर्च में एक भव्य, भावनात्मक और श्रद्धापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चर्च परिसर में आस्था, संस्कृति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला, जिसने सभी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत जैसे ही मधुर कैरोल सिंगिंग से हुई, पूरा वातावरण प्रभु यीशु मसीह की भक्ति में सराबोर हो गया। चर्च में गूंजते भक्ति गीतों ने प्रभु यीशु के जन्म की खुशी और उनके प्रेम, त्याग व मानवता के संदेश को जीवंत कर दिया। कैरोल सिंगिंग के माध्यम से प्रभु यीशु मसीह के जीवन और उनके उपदेशों को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।
इस विशेष आयोजन में बच्चों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने प्रभु यीशु मसीह के भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। उनके रंग-बिरंगे परिधान, मासूम मुस्कान और भक्ति भाव से भरी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बच्चों की इन प्रस्तुतियों पर मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाते हैं। उपस्थित अतिथियों ने क्रिसमस के अवसर पर लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और जरूरतमंदों की सहायता करने का आह्वान भी किया।प्रार्थना भवन के प्रमुख राजन थॉमस ने अपने संबोधन में कहा कि क्रिसमस का पर्व शांति और प्रेम का संदेश देता है। प्रभु यीशु मसीह के जीवन से हमें प्रेम, सेवा, त्याग और मानवता की सच्ची सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रभु यीशु मसीह का संपूर्ण जीवन मानव कल्याण और दूसरों के प्रति प्रेम का प्रतीक है। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज में सद्भाव, भाईचारा और शांति बनाए रखनी चाहिए।कार्यक्रम के अंत में एक बार फिर कैरोल सिंगिंग के माध्यम से प्रभु यीशु मसीह को याद किया गया। बच्चों की अद्भुत नृत्य प्रस्तुतियों और भक्ति गीतों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि लोगों के दिलों में प्रेम, शांति और एकता का संदेश भी भर दिया।



