श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का हुआ मनोहारी वर्णन, भागवत कथा से मिलती है आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा: गौरव गोयल
(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)
रुड़की। गणपति विहार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण किया। कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों और उनकी लीलाओं का मनोहारी वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य, प्रेम, करुणा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो गए। कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल धार्मिक कथाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण संदेश भी निहित हैं। श्रीकृष्ण की लीलाएं मनुष्य के भीतर सरलता, वात्सल्य, प्रेम, करुणा और भक्ति के भाव को जागृत करती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और लीलाओं के माध्यम से समाज को सत्य के मार्ग पर चलने तथा अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी।
अहंकार छोड़कर विनम्रता अपनाने का संदेश
कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार का नाश किए जाने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं है। मनुष्य को अपनी शक्ति, पद और संपत्ति पर अभिमान करने के बजाय विनम्रता के साथ ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें यह सिखाती हैं कि जीवन में प्रेम और सेवा की भावना को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।
पूर्व मेयर गौरव गोयल ने लिया आशीर्वाद
कथा के अंतिम दिन पूर्व मेयर गौरव गोयल भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज से आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा का विशेष महत्व है। भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है और उसके जीवन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है। गौरव गोयल ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कार, आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। उन्होंने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुई कथा
अंतिम दिन कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण करने के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भाग लिया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी कीं।
इस अवसर पर आयोजक रमेश चंद्र शर्मा, यशपाल सिंह, विकास पोसवाल, ब्रज मोहन त्यागी, सुभाष यादव, गोपाल सैनी, पवन त्यागी, ज्ञानेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और धार्मिक आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।


