रुड़की में सेवा की मिसाल बना शिविर, दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग, कैलिपर्स और व्हीलचेयर शिविर शुरू
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद मुख्य शाखा रुड़की की ओर से भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से कृत्रिम अंग, कैलिपर्स एवं व्हीलचेयर फिटनेस और वितरण शिविर का आयोजन किया गया। तीन से पांच अक्टूबर तक चलने वाले इस शिविर में रुड़की के अलावा उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जरूरतमंद लाभार्थी पहुंच रहे हैं। शिविर में कृत्रिम अंगों की फिटिंग के साथ कैलिपर्स और व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
पूर्व मेयर प्रत्याशी एवं समाजसेविका पूजा गुप्ता ने कहा कि जिन लोगों के हाथ या पैर नहीं होते, उनके लिए रोजमर्रा के सामान्य कार्य करना भी कठिन हो जाता है। ऐसे लोगों को कई कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। कृत्रिम अंग मिलने के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने दैनिक कार्य स्वयं करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति का यह प्रयास जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का माध्यम है। उन्होंने लाभार्थियों से कहा कि वे अपनी कमी को कमजोरी न मानें, बल्कि उसे अपनी ताकत बनाकर जीवन में आगे बढ़ें।
भारती का उदाहरण देकर बढ़ाया उत्साह
पूजा गुप्ता ने शिविर में मौजूद लाभार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए भारती का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एक पैर न होने के बावजूद भारती खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और अपने शहर का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अन्य दिव्यांगजन भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने कार्यों से समाज के लिए प्रेरणा बनें।
करीब 200 लोगों को कृत्रिम अंग देने का लक्ष्य
कांग्रेस प्रदेश मंत्री सचिन गुप्ता ने बताया कि इससे पहले रोटरी क्लब की ओर से भी इसी तरह का शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 250 लोगों को कृत्रिम अंग लगाए गए थे। वर्तमान शिविर में पहले दिन करीब 60 लाभार्थियों को कृत्रिम अंग लगाए जा रहे हैं। अगले दो दिनों में यह संख्या बढ़ाकर लगभग 200 करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा करीब 20 व्हीलचेयर और लगभग 100 बच्चों को कैलिपर्स लगाए जाने की योजना है। कैलिपर्स का लाभ विशेष रूप से पोलियो से प्रभावित बच्चों को मिलेगा।
कई जिलों से पहुंच रहे लाभार्थी
शिविर में हरिद्वार के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, चमोली, देहरादून और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं। आयोजकों के अनुसार लगातार नए पंजीकरण हो रहे हैं और जरूरतमंद लोगों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य केवल कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना भी है। उन्होंने जरूरतमंद लोगों से अपील की कि जब भी इस तरह के शिविर आयोजित हों, वे आगे आकर इसका लाभ उठाएं।
लाभार्थियों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था
शिविर में आने वाले लाभार्थियों के लिए चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था भी की गई है। आयोजकों के अनुसार यह पूरी व्यवस्था निःशुल्क है और किसी भी लाभार्थी से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। शिविर में कृत्रिम अंगों की फिटिंग से पहले लाभार्थियों का नाप लिया जाता है, इसके बाद अंग तैयार कर फिटिंग और जांच की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
आयोजकों ने कहा कि उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स और व्हीलचेयर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने में सहायता दी जाए।






