डॉ. सूरज प्रकाश और बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि, गौ सेवा के साथ लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 27 जून। भारत विकास परिषद समर्पण शाखा द्वारा शनिवार को चाव मंडी स्थित गौशाला में परिषद के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय डॉ. सूरज प्रकाश की 106वीं जयंती एवं राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी की 188वीं जयंती श्रद्धा, सेवा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान गौ-पूजन, हरा चारा एवं दलिया वितरण, प्रेरक व्याख्यान, कविता पाठ और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौ माता के विधिवत पूजन से हुआ। पंडित जी के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना के बाद शाखा के सदस्यों ने गौशाला में मौजूद लगभग 200 गायों को हरा चारा और दलिया खिलाकर गौ सेवा का संदेश दिया। इस दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा और सेवा का वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद समर्पण शाखा के अध्यक्ष इंजीनियर राकेश गर्ग ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं तथा सुख, शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि परिषद के संस्थापक डॉ. सूरज प्रकाश का संपूर्ण जीवन सेवा, संस्कार और राष्ट्र समर्पण का प्रेरणास्रोत है, जिनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।
इसके बाद परिषद के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय डॉ. सूरज प्रकाश की जयंती मनाई गई। शाखा के सभी सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वरिष्ठ सदस्या श्रीमती वीना सिंह ने डॉ. सूरज प्रकाश के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए परिषद के सेवा, संस्कार, समर्पण और संगठन के उद्देश्यों को बताया। वहीं डॉ. मधुराका सक्सेना ने डॉ. सूरज प्रकाश के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक कविता का पाठ कर उपस्थित सदस्यों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के तीसरे चरण में वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती मनाई गई। शाखा के संस्कार संयोजक डॉ. सुनील शर्मा ने बंकिम चंद्र चटर्जी के जीवन, साहित्य और राष्ट्रभक्ति पर आधारित उनके योगदान को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशवासियों के लिए प्रेरणा, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। इसके बाद सभी सदस्यों ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रकट किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों, गौशाला के कर्मचारियों एवं उपस्थित बच्चों को प्रसाद स्वरूप मिष्ठान और लाहौरी जलजीरा वितरित किया गया। कार्यक्रम में प्रांतीय संस्कार संयोजक डॉ. राजीव कुमार गोयल, संस्कार संयोजक डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. अजय भार्गव, डॉ. सुधीर चौधरी, प्रांतीय सह-संयोजक हर्ष प्रकाश काला, रामचंद्र सेतिया, डॉ. संगीता गर्ग, उमेश चंद्र सिंधल, डॉ. हेमलता सिंधल, श्रीमती मृणालिनी शर्मा, श्रीमती रेखा गोयल, श्रीमती रेनू गर्ग, भारत विकास परिषद समर्पण परिवार के सदस्य, बच्चे तथा गौशाला के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और गौ संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। उपस्थित सभी सदस्यों ने समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर योगदान देने का संकल्प भी लिया।




