कलियर से लापता 14 वर्षीय बच्ची मिली बैंगलोर में, पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक सनसनीखेज और संवेदनशील मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को कर्नाटक के बैंगलोर से सकुशल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई ने न केवल एक संभावित बड़े अपराध को टाल दिया, बल्कि एक लाचार मां को उसकी खोई हुई बेटी वापस दिलाकर मानवता की मिसाल भी पेश की।
घटना 9 अप्रैल 2026 की है, जब मुकर्बपुर कलियर निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की सूचना पुलिस को दी। शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाली एक महिला बच्ची को कपड़े दिलाने के बहाने अपने साथ ले गई थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पिरान कलियर में तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पीड़िता का परिवार बेहद गरीब और कमजोर स्थिति में है। मां बीमार रहती है और परिवार का गुजारा भीख मांगकर करती है। ऐसे में बेटी के अचानक लापता हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पीड़िता की मां को यह उम्मीद भी नहीं थी कि कोई उसकी मदद करेगा, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले को प्राथमिकता पर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक देहात और सीओ रुड़की के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्ध महिला व बच्ची के मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की। जांच के दौरान महिला की लोकेशन कर्नाटक के बैंगलोर में पाई गई।
16 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम तत्काल कर्नाटक रवाना हुई और स्थानीय पुलिस की सहायता से आरोपी महिला को हिरासत में लेकर नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महिला बच्ची को बहला-फुसलाकर पहले रुड़की से सहारनपुर ले गई, जहां उसका फोन बंद करवा दिया गया। इसके बाद ट्रेन के जरिए दिल्ली होते हुए कर्नाटक ले जाया गया।
आरोपी का मकसद बेहद चिंताजनक था। वह बच्ची से भीख मंगवाने और उसे गलत कार्यों में धकेलने की योजना बना रही थी। पुलिस की समय रहते कार्रवाई ने इस गंभीर अपराध को होने से रोक दिया।
इस सफल ऑपरेशन के बाद स्थानीय लोगों ने हरिद्वार पुलिस की जमकर सराहना की। एसएसपी ने भी टीम की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए उनकी पीठ थपथपाई।
इस अभियान में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर, सहायक उपनिरीक्षक रामअवतार, हेड कांस्टेबल सोनू कुमार और महिला कांस्टेबल सरिता राणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने एक मासूम की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!