बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में किसानों का हल्ला बोल किसानों का पैदल मार्च, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

उत्तराखण्ड किसान मोर्चा के बैनर तले रुड़की में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और बिजली विभाग और तहसील प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने किया, जिनके नेतृत्व में किसान अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग रुड़की कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।


किसानों ने विद्युत विभाग परिसर में सभा आयोजित कर सरकार की नीतियों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बिजली बिलों में बढ़ती दरों, सिक्योरिटी के नाम पर की जा रही वसूली और स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन अधीक्षण अभियंता के माध्यम से सौंपा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।
ज्ञापन में किसानों ने बिजली बिलों में सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर हो रही वसूली को तत्काल बंद करने की मांग की। साथ ही कृषि ट्यूबवेलों की बिजली दरें उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के समान कम करने की बात कही गई। किसानों ने स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह वापस लेने, बिजली बिलों पर लगाए गए सरचार्ज को माफ करने तथा बकाया बिलों के कारण किसानों के बिजली कनेक्शन न काटे जाने की भी मांग की।


धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने विद्युत विभाग कार्यालय से रुड़की तहसील स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की चेतावनी दी। तहसील पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को एक और ज्ञापन सौंपा, जिसमें राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
किसानों ने ज्ञापन में मांग की कि प्रदेश के सभी स्थायी निवास प्रमाण पत्र धारकों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसके अलावा इकबालपुर चीनी मिल द्वारा किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराने की मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल किए जाने के आधार पर पूरे प्रदेश में OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा से जुड़े प्रश्नों को हटाने की मांग भी किसानों ने उठाई।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि किसान पहले से ही आर्थिक संकट और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। ऐसे में बिजली बिलों में अतिरिक्त बोझ डालना और कनेक्शन काटने की कार्रवाई किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो उत्तराखण्ड किसान मोर्चा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
कार्यक्रम का संचालन दीपक पुंडीर ने किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष महकार सिंह, सुरेंद्र नम्बरदार, चौधरी आदित्य खेड़ा, मुनेश त्यागी, सुनील त्यागी, सोनू, मोहम्मद आकिल, मोहम्मद आजम, मरगूब, प्रवीण प्रधान, समीर आलम, पवन त्यागी, बालेंद्र त्यागी, सफदर, आनंद पाल, मकर सिंह, चौधरी राजेंद्र, तेजवीर और धर्मेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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