आदर्शनगर में मोबाइल टॉवर को लेकर हंगामा, विरोध के बाद प्रशासन ने निर्माण पर लगाई रोक

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की के आदर्शनगर क्षेत्र में मोबाइल टॉवर लगाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध उग्र रूप लेता नजर आया। रविवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़कों पर उतर आए और टॉवर निर्माण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने तहसील प्रशासन और एचआरडी विभाग से शिकायत करते हुए रिहायशी इलाके में मोबाइल टॉवर लगाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि वोडाफोन मोबाइल टॉवर लगाने का कार्य एक थर्ड पार्टी को सौंपा गया है, जो स्थानीय निवासियों पर दबाव बनाकर जबरन टॉवर खड़ा करना चाह रही है। लोगों का कहना है कि रिहायशी कॉलोनी में इस तरह के टॉवर लगाना सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है। उनका कहना है कि अगर भविष्य में कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।


सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन और एचआरडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टॉवर निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया, जिनसे आवश्यक दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे गए।
इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपम चंद्र सेठ के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नियमानुसार टॉवर लगाने की अनुमति होने का दावा किया। हालांकि, स्थानीय लोगों के विरोध और शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच के आदेश देते हुए फिलहाल कुछ दिनों के लिए टॉवर निर्माण पर रोक लगा दी है।
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच वायरिंग काटने का मामला भी सामने आया है। कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया कि किसी ने टॉवर की वायरिंग काट दी है, जिसमें स्थानीय निवासी संजय का नाम सामने आया है। हालांकि, संजय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह केवल टॉवर का विरोध कर रहे हैं और उन पर बेवजह दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कंपनी के पास टॉवर लगाने के लिए कोई स्पष्ट अनुमति नहीं है और केवल कंपनी के आंतरिक दस्तावेज दिखाकर निर्माण कार्य किया जा रहा था। लोगों ने इस मामले की शिकायत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ-साथ सीएम पोर्टल पर भी की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
फिलहाल प्रशासन द्वारा टॉवर निर्माण पर रोक लगाए जाने से स्थानीय लोगों को राहत मिली है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि दोबारा टॉवर लगाने की कोशिश की गई तो वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इलाके में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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