गैडीखाता के जंगल में भीषण आग से मची अफरा तफरी, हरी टहनियों से फायर यूनिट ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। फायर स्टेशन मायापुर, जनपद हरिद्वार से प्राप्त सूचना के आधार पर गैडीखाता क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण वनाग्नि पर फायर यूनिट रुड़की ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते काबू पा लिया। यह टीम थाना श्यामपुर क्षेत्र में शरद कांवड़ मेला ड्यूटी पर तैनात थी। सूचना मिलते ही टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई और कड़ी मेहनत व अथक प्रयासों से आग को फैलने से रोक दिया।
बताया गया कि गैडीखाता के जंगलों में अचानक भीषण आग भड़क उठी थी, जिससे सूखी झाड़ियां, घास और पत्तों में तेजी से आग फैलने लगी। आग की लपटें लगातार बढ़ रही थीं और आसपास के बड़े पेड़ों तथा वन्य जीवों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो कई हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो सकता था।
घटनास्थल पर पहुंची फायर यूनिट रुड़की की टीम ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ हरी टहनियों (फायर बीटर) का उपयोग कर आग को पीट-पीटकर नियंत्रित किया गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सूखे पत्तों के बीच आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने संयम और साहस का परिचय देते हुए आग को पूरी तरह बुझा दिया।
इस आगजनी की घटना में जंगल की झाड़ियां और सूखे पत्ते जल गए, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि या बड़े पेड़ों को नुकसान नहीं हुआ। वन्य जीवों को भी सुरक्षित बचा लिया गया। मौके पर वन विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे और उन्होंने फायर टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया। घटना की सूचना सिटी कंट्रोल रूम हरिद्वार को भी दे दी गई।
घटनास्थल पर की गई त्वरित कार्रवाई और उत्कृष्ट रिस्पांस टाइम के लिए राहगीरों एवं वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने फायर यूनिट रुड़की की सराहना की। सभी ने माना कि टीम की मुस्तैदी और साहसिक प्रयासों के कारण बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान से बचाया जा सका।
घटनास्थल पर पहुंची टीम में लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक विपिन सिंह तोमर, फायरमैन राजेंद्र सिंह बिष्ट और फायरमैन सुनील सिंह शामिल रहे। सभी सदस्यों ने सामूहिक प्रयास से आग पर नियंत्रण पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फायर विभाग की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपदा की किसी भी स्थिति में उनकी तत्परता और समर्पण जनहित तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।






