ब्लाइंड मर्डर केस: 48 घंटे में हरिद्वार पुलिस ने सुलझाया दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या का मामला, एक आरोपी गिरफ्तार

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक गुमशुदगी को ब्लाइंड मर्डर केस में तब्दील होने से पहले ही सुलझाते हुए हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। एसएसपी हरिद्वार के नेतृत्व में रानीपुर पुलिस को इस सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता मिली है। मोबाइल छीने जाने के विरोध पर दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष (38) की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपी अयान उर्फ सुन्नत को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका साथी फरार है।
प्रकरण की शुरुआत 4 फरवरी 2026 को हुई, जब रामआसरे निवासी विष्णुलोक कॉलोनी, रानीपुर ने अपने पुत्र मनीष के 1 फरवरी से लापता होने की सूचना थाना रानीपुर में दी। मनीष पैरों से दिव्यांग था और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। सूचना के आधार पर गुमशुदगी संख्या 06/26 दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिला कि मनीष का मोबाइल फोन ज्वालापुर के पांवधोई मोहल्ले का रहने वाला अयान उर्फ सुन्नत कॉल करने के बहाने लेकर गया था और बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया गया। 6 फरवरी को पुलिस टीम ने बीएचईएल स्टेडियम से संदिग्ध अयान को दबोच लिया और उसके कब्जे से मृतक का Redmi मोबाइल बरामद किया।
पूछताछ में अयान ने कबूल किया कि उसने अंधेरे का फायदा उठाकर मनीष से मोबाइल छीना और सिम तोड़ दिया। जब मनीष ने उसके घर जाकर शिकायत की और पुलिस में जाने की बात कही, तो अयान ने अपने साथी बिलाल (हाल ही में जेल से छूटा) के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों ने मनीष को शराब पीने के बहाने बीएचईएल के पास झाड़ियों में बुलाया। विवाद के दौरान बिलाल ने मनीष को पकड़ा और अयान ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर सुपरवाइजर हॉस्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा लावारिस छोड़ दिया गया। अयान की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। मामले में BNS की धाराओं 103(1), 303(2), 238, 61(2) के तहत तरमीम कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।






