रूड़की जिला कार्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर संगठनात्मक संगोष्ठी आयोजित

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रूड़की। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के पावन एवं ऐतिहासिक अवसर पर आज जिला कार्यालय, रूड़की में एक भव्य एवं गरिमामय संगठनात्मक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु रविदास जी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर एवं उनके महान विचारों के स्मरण के साथ किया गया। “हरि से संत, संत से सब जग” जैसे अमर संदेशों के माध्यम से संत रविदास जी ने समाज को समरसता, समानता, मानवता और भाईचारे का मार्ग दिखाया, जिसे आज के समय में और अधिक आत्मसात करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन अनुसूचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री नीटू सिंह मंडावर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री बलवीर धुनियाल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समान अधिकार और भेदभाव रहित समाज की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने विचारों और कर्मों से समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, जातिगत भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई, जो आज भी हमें एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूड़की जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने कर्म, भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलकर समाज को जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि गुरु रविदास जी के विचार केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के भी प्रेरणास्रोत हैं। राज्य मंत्री श्री देशराज करनवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि गुरु रविदास जी के विचारों को आत्मसात कर ही एक सशक्त, समावेशी और विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को समान अवसर दिलाने पर बल दिया।
प्रदेश उपाध्यक्ष मास्टर सत्यपाल, प्रदेश मंत्री श्री संजीव कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री जॉनी केसरिया एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री मोहित राष्ट्रवादी ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और लाभों को पहुंचाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं।
जिला महामंत्री श्री अक्षय प्रताप सिंह ने संगठनात्मक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समानता, भाईचारे और कर्म की सच्ची प्रेरणा देता है। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा साथियों एवं कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में सभी उपस्थितजनों ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।






