रुड़की में दो अस्पतालों की आईपीडी सील, संचालक पर लगा दोगुना जुर्माना
(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)
रुड़की, हरिद्वार। रुड़की के रामपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अफजल हेल्थ केयर और आशा नर्सिंग होम की आईपीडी (भर्ती मरीजों के इलाज का विभाग) सील कर दी है। इसके साथ ही अस्पताल संचालक पर दोगुना जुर्माना भी लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
जानकारी के अनुसार, रामपुर क्षेत्र स्थित दोनों अस्पतालों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आर के सिंह के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई। टीम में एसीएमओ रमेश कुंवर के साथ राव अकरम, सुहैल और अंशु तोमर शामिल रहे।
टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पतालों की व्यवस्थाओं और शिकायतों से संबंधित बिंदुओं की जांच की। इसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों अस्पतालों की आईपीडी सील कर दी गई। साथ ही अस्पताल संचालक पर दोगुना जुर्माना लगाया गया। विभाग की ओर से जुर्माने की राशि जमा कराने की प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
अफजल हेल्थ केयर के ओटी पर पहले भी हुई थी कार्रवाई
अफजल हेल्थ केयर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है। कुछ दिन पहले अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में खामियां और अनियमितताएं मिलने के बाद उसे सील किया गया था। अब आईपीडी सील किए जाने की कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक पर पहले 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन संचालक ने निर्धारित राशि जमा नहीं की। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभाग ने जुर्माना बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया है। अब अस्पताल संचालक को यह राशि स्वास्थ्य विभाग में जमा करानी होगी।
बताया गया है कि अफजल हेल्थ केयर और आशा नर्सिंग होम का संचालन एक ही संचालक द्वारा किया जाता है। ऐसे में दोनों अस्पतालों के खिलाफ हुई कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
क्या होती है आईपीडी सील होने की कार्रवाई?
आईपीडी यानी इन-पेशेंट डिपार्टमेंट अस्पताल का वह विभाग होता है, जहां मरीजों को भर्ती करके इलाज दिया जाता है। आईपीडी सील किए जाने का मतलब है कि संबंधित विभाग की भर्ती संबंधी व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, इसका अर्थ अपने आप यह नहीं है कि अस्पताल का पूरा परिसर भी सील कर दिया गया है।
दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
हरिद्वार एसीएमओ रमेश कुंवर ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर दोनों अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अस्पतालों की आईपीडी सील करने के साथ संचालक पर दोगुना जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जुर्माने की राशि विभाग में जमा करानी होगी।
वहीं, हरिद्वार सीएमओ डॉ. आर के सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक अनुमति या निर्धारित चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के अस्पताल संचालित किए जाने की शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और आवश्यक अनुमतियों को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। विभाग ने संकेत दिया है कि शिकायतों की जांच और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।



