कन्हैया लाल पॉलीटेक्निक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। कन्हैया लाल पॉलीटेक्निक, रुड़की में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में रक्तदान को लेकर जागरूकता और सेवा भावना देखने को मिली।
शिविर में पहुंचीं पूर्व मेयर प्रत्याशी एवं समाजसेवी पूजा गुप्ता ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को समर्पित महायज्ञ है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद पैदा कर सकता है। एकत्र किया गया रक्त थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में भी उपयोगी साबित होता है।
पूजा गुप्ता ने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में समाज में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने रक्तदान करने वाले सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं का इस तरह के सामाजिक कार्यों में आगे आना सकारात्मक संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। स्वस्थ और पात्र लोगों को चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। इससे जरूरत के समय मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद की जान बचाने में योगदान देना मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
शिविर में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। छात्राओं सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने रक्तदान के लिए आगे आकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम में संस्थान के स्टाफ सदस्यों ने भी रक्तदान किया। वहीं कुछ पूर्व विद्यार्थी भी शिविर में पहुंचे और रक्तदान कर अभियान को अपना सहयोग दिया।
कार्यक्रम अधिकारी मनोज सैनी और कुलदीप त्यागी ने भी विद्यार्थियों को रक्तदान के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि रक्तदान समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने युवाओं से रक्तदान के प्रति जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का भी प्रयास किया गया। वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान से पहले चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है और योग्य व्यक्ति ही चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान कर सकता है। लोगों से अपील की गई कि रक्तदान से संबंधित जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का पालन करें।
वक्ताओं ने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर तैनात सैनिकों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि समाज में रहकर जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा के कार्यों के जरिए भी की जा सकती है। रक्तदान इसी सामाजिक जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
शिविर के आयोजन से विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम के माध्यम से रक्तदान को लेकर जागरूकता फैलाने और भविष्य में भी ऐसे जनसेवा अभियानों में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।


