राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर हर्ष प्रकाश काला ने लौटाया सम्मान पत्र
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग को लेकर वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं रुड़की तहसील के प्रथम राज्य आंदोलनकारी हर्ष प्रकाश काला ने शुक्रवार को रामपुर तिराहा शहीद स्मारक, मुजफ्फरनगर पहुंचकर अपना राज्य आंदोलनकारी सम्मान पत्र मुख्यमंत्री के नाम वापस कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक सभी संघर्षशील और पात्र राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं किया जाता, तब तक वह पेंशन भी नहीं लेंगे।
2 अक्टूबर के अवसर पर रुड़की से दो बसों में बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी हर्ष प्रकाश काला, केंद्रीय अध्यक्ष तथा कमला बमोला, केंद्रीय कोषाध्यक्ष के नेतृत्व में रामपुर तिराहा और नारसन शहीद स्मारक पहुंचे। यहां आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
24 सितंबर तक सूची जारी न होने पर की थी घोषणा
हर्ष प्रकाश काला ने 22 सितंबर को रुड़की तहसील परिसर में राज्य आंदोलनकारियों के शीघ्र चिन्हीकरण की मांग को लेकर आयोजित धरने के दौरान घोषणा की थी कि यदि 24 सितंबर तक हरिद्वार जिले के वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित सूची जारी नहीं की गई तो वह 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर अपना सम्मान पत्र वापस कर देंगे।
निर्धारित समय तक मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने शहीद स्मारक पर प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य आंदोलनकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सम्मान पत्र वापस किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को मामले में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई।
आंदोलन के पुराने दस्तावेजों से चिन्हीकरण की मांग
हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान हुए विभिन्न कार्यक्रमों, धरनों, रेल रोको आंदोलन और अनशन से संबंधित उनके पास उपस्थिति एवं कार्यवाही रजिस्टर सहित कई दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं वास्तविक दस्तावेजों के आधार पर सक्रिय आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने पूर्व में हुए चिन्हीकरण की जांच की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि कुछ वास्तविक आंदोलनकारी अभी तक चिन्हीकरण से वंचित हैं, जबकि अन्य लोगों को पूर्व की प्रक्रिया के आधार पर लाभ मिला है। आंदोलनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
राज्य आंदोलन में भूमिका का किया उल्लेख
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी कमला बमोला ने कहा कि हर्ष प्रकाश काला ने रुड़की के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य आंदोलन के विभिन्न चरणों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने रेल रोको आंदोलन, गैरसैंण राजधानी की मांग, दिल्ली रैली, रामपुर तिराहा कांड, रुड़की गोलीकांड तथा हरिद्वार-रुड़की में हुए क्रमिक एवं आमरण अनशन सहित कई आंदोलनों का उल्लेख किया।
10 दिन में चिन्हीकरण पूरा करने की मांग
रामपुर तिराहा और नारसन शहीद स्मारक पर पहुंचे आंदोलनकारियों ने स्थायी राजधानी गैरसैंण, राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, शहीदों की स्मृति में मूर्तियां स्थापित करने तथा रामपुर तिराहा, खटीमा, मसूरी, कोटद्वार, देहरादून और श्री यंत्र टापू कांड से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई की मांग उठाई।
इस अवसर पर बसंती नेगी, सोना बिष्ट, देव सिंह सांवत, मोहन सांवत, सरोज थपलियाल, सरोजनी नेगी, बीना नेगी, पार्वती रावत, रामेश्वरी खंतवाल, सुरमा रावत, बसंती चमोली, सीता राणा, शकुंतला सती, पुष्पा नेगी, कृपाल सिंह, प्रदीप बुडाकोटी, विनोद भट्ट सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से 10 दिनों के भीतर सभी पात्र एवं संघर्षशील राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।


