August 21, 2026

आईआईटी रुड़की और अवाथॉन मिलकर बनाएंगे फिजिकल एआई लैब, औद्योगिक क्षेत्र में स्वायत्तता को मिलेगा नया आयाम

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)

रुड़की, 21 अगस्त 2026। औद्योगिक परिचालनों में स्वायत्तता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) और औद्योगिक स्वायत्तता के क्षेत्र में कार्यरत अवाथॉन ने अवाथॉन फिजिकल एआई लैब (अवाथॉन PAL) स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। प्रस्तावित प्रयोगशाला आईआईटी रुड़की के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग में स्थापित की जाएगी और इसका उद्देश्य औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए फिजिकल एआई के विज्ञान को आगे बढ़ाना होगा।

भारत में फिजिकल एआई अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

यह नई अनुसंधान पहल भारत में फिजिकल एआई विज्ञान की अगली पीढ़ी को विकसित करने पर केंद्रित होगी। प्रयोगशाला को सहयोगात्मक अनुसंधान के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां आईआईटी रुड़की के शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ मिलकर औद्योगिक क्षेत्र की जटिल समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाशेंगे।

साझेदारी के तहत अवाथॉन की औद्योगिक परिचालनों में स्वायत्तता लागू करने की विशेषज्ञता को आईआईटी रुड़की की अनुकूलन, मशीन लर्निंग, ज्ञान प्रतिनिधित्व और बहु-एजेंट प्रणालियों में अनुसंधान क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर आपूर्ति योजना, लॉजिस्टिक्स, ज्ञान-आधारित प्रणालियों और निरंतर सीखने वाली स्वायत्त तकनीकों पर अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक चुनौतियों के समाधान पर रहेगा फोकस

अवाथॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र पेरविंदर जौहर ने कहा कि आईआईटी रुड़की ने उनके दृष्टिकोण और पेशेवर यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रतिभा और अकादमिक क्षमता को औद्योगिक जगत की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना इस साझेदारी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। फिजिकल एआई के माध्यम से औद्योगिक अर्थव्यवस्था में स्वायत्तता को नई गति दी जा सकती है।

अवाथॉन PAL बेंगलुरु में स्थापित अवाथॉन के नवगठित एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के साथ भी निकट समन्वय में काम करेगा। दोनों केंद्रों को अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और उसके वास्तविक औद्योगिक उपयोग के बीच सेतु के रूप में विकसित करने की योजना है।

खनन से लेकर लॉजिस्टिक्स तक तकनीकी समाधान

आईआईटी रुड़की में विकसित अनुसंधान को खनन, ऊर्जा, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, एयरोस्पेस और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसी स्वायत्त प्रणालियां विकसित करना है, जो वास्तविक परिस्थितियों में निर्णय लेने, सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपने संचालन को अनुकूलित करने में सक्षम हों।

अवाथॉन PAL के प्रधान अन्वेषक एवं आईआईटी रुड़की के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. सुगाता गंगोपाध्याय ने कहा कि यह साझेदारी शोधकर्ताओं को अकादमिक स्वतंत्रता के साथ वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर काम करने का अवसर देगी। उनके अनुसार, उद्योग और अकादमिक क्षेत्र की यह साझेदारी अनुसंधान को व्यावहारिक प्रभाव में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेंगे नए अवसर

प्रस्तावित लैब के माध्यम से प्रायोजित डॉक्टरेट फेलोशिप, सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएं, छात्रों के लिए अवाथॉन में इंटर्नशिप और उद्योग अनुभव उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा कार्यशालाओं और तकनीकी कार्यक्रमों के जरिए व्यापक शोध समुदाय को भी जोड़ा जाएगा।

आईआईटी रुड़की और अवाथॉन की यह पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एंटरप्राइज आईटी तक सीमित न रहकर फैक्ट्री फ्लोर, आपूर्ति श्रृंखला और महत्वपूर्ण औद्योगिक अवसंरचना जैसे वास्तविक भौतिक क्षेत्रों में भी स्वायत्तता को बढ़ावा दे। अवाथॉन PAL के जरिए अनुसंधान, प्रतिभा विकास और औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच एक मजबूत और दीर्घकालिक नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

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