वोट कटवाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, किसान मोर्चा ने प्रशासन को दी चेतावनी
रुड़की, 14 अगस्त 2026। उत्तराखंड किसान मोर्चा ने वास्तविक मतदाताओं के वोटों पर कथित रूप से गलत और फर्जी आपत्तियां दर्ज कराए जाने के विरोध में प्रशासन के समक्ष कड़ा आक्रोश जताया। मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव समीर आलम के नेतृत्व में पदाधिकारियों और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को शिकायती ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
समीर आलम ने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात शरारती तत्व द्वेषभावना और साजिश के तहत निर्दोष ग्रामीणों के वैध मतों को हटवाने के उद्देश्य से फर्जी आपत्ति पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। यदि सही मतदाताओं के वोट गलत तरीके से हटाने का प्रयास किया गया तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मोर्चा पदाधिकारियों सरवर अली और शमशाद अली ने संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए मांग की कि बिना पर्याप्त सत्यापन के किसी भी मतदाता के खिलाफ आपत्ति स्वीकार न की जाए। उन्होंने कहा कि यदि फर्जी आपत्तियों की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी तो उत्तराखंड किसान मोर्चा बीएलओ की भूमिका की भी जांच की मांग करेगा और आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को कार्रवाई का भरोसा दिया गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ (आईएएस) ने कहा कि किसी भी प्रकार की फालतू या फर्जी आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी आम नागरिक का वोट गलत तरीके से नहीं कटने दिया जाएगा।
वहीं, एसपी देहात ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि गलत तरीके से प्रार्थना पत्र तैयार कर प्रशासन को गुमराह करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान समीर आलम, सरवर अली, शमशाद अली सहित उत्तराखंड किसान मोर्चा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि पात्र मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा के लिए वह आगे भी प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा।

