एचआरडीए की बड़ी कार्रवाई: हरिद्वार और भगवानपुर में छह अवैध निर्माण सील, बिना स्वीकृति निर्माण पर कसा शिकंजा
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए बहादराबाद, रुड़की और भगवानपुर क्षेत्र में छह अनधिकृत निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कार्य कराने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के अनुसार पाम सिटी के पहले, सुखी नदी के समीप स्थित सलेमपुर महदूद-2, बहादराबाद में विजय सैनी द्वारा लगभग 30×40 फीट क्षेत्रफल में भूतल पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी प्रकार 45 मीटर सिडकुल मार्ग पर अशोक वाटिका के अंतिम छोर स्थित सलेमपुर बहादराबाद में राजेश बिल्डर द्वारा लगभग 60×40 फीट क्षेत्रफल में निर्माण किया जा रहा था।
इसके अलावा मंत्रा होम्स, सीता विहार मार्ग, नेहरू कॉलोनी, सलेमपुर महदूद बहादराबाद में शुक्ला द्वारा लगभग 35×40 फीट क्षेत्र में भूतल पर निर्माण कराया जा रहा था। इन सभी निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक प्राधिकरणीय स्वीकृति नहीं ली गई थी।
प्राधिकरण की टीम ने रुड़की तहसील क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए दिल्लो पंजाबी ढाबा के निकट, बढ़ेड़ी राजपूताना में अंकित चौधरी एवं आशीष चौधरी द्वारा लगभग 50×60 फीट क्षेत्र में बनाए जा रहे ढाबे के निर्माण को भी सील कर दिया।
भगवानपुर क्षेत्र में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पीछे धनौरी मार्ग पर इंतजार द्वारा बिना अनुमति पांच दुकानों (लगभग 10×50 फीट) तथा तीन दुकानों (लगभग 10×30 फीट) का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण ने इन दोनों निर्माणों को भी अवैध मानते हुए सील करने की कार्रवाई की।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इन सभी मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दर्ज किए गए हैं। निर्माणकर्ताओं को कई बार निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन लगातार चेतावनी और नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण की टीम ने सभी अवैध निर्माणों को मौके पर सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति प्राप्त किए किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एचआरडीए ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार का भवन, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान अथवा अन्य निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। इससे न केवल कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा, बल्कि भविष्य में संपत्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। एचआरडीए उपाध्यक्ष सोनिका ने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी नागरिक भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




