रुड़की में विशाल मशाल जुलूस, जंतर-मंतर घटना के विरोध में सड़कों पर उतरी जन अधिकार पार्टी
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कथित कार्रवाई और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में शुक्रवार को जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) ने रुड़की में विशाल मशाल जुलूस निकाला। जुलूस बी.एस.एम. चौक से प्रारंभ होकर नगर निगम चौक तक पहुंचा, जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हाथों में मशालें और तख्तियां लेकर निकले प्रदर्शनकारियों ने छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए।
मशाल जुलूस का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस प्रकार की पुलिस कार्रवाई की गई, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया तथा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
आज़ाद अली ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज को इसी प्रकार दबाया जाता रहा तो लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा आघात पहुंचेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं तथा आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हेमा भंडारी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन यदि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित छात्रों को न्याय मिलना चाहिए।
अपने संबोधन में आज़ाद अली ने उत्तराखंड में हाल ही में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मशाल जुलूस पूरे समय शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारे लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नदीम, ग्रामीण महिला अध्यक्ष कोमल, गरिमा ठाकुर, जिला महासचिव मोहम्मद आज़म, युवा जिलाध्यक्ष सालिम शाह, रहमत अली, अमन जैन, मास्टर रिजवान, जमाल अहमद, प्रदेश उपाध्यक्ष अली, प्रदेश सचिव कुर्बान अली, सोनू अल्वी, अनस मंसूरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे

