सरकारी आवासों पर कौन कर रहा था कब्जा? डीएम मयूर दीक्षित के निरीक्षण में खुली बड़ी पोल

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार, 15 जुलाई। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की आवासीय कॉलोनी का औचक निरीक्षण कर सरकारी आवासों पर अवैध कब्जों के मामले को गंभीरता से लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर मजिस्ट्रेट हरगिरी तथा सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम ने कॉलोनी में रह रहे लोगों की स्थिति, आवास आवंटन और सरकारी संपत्तियों के उपयोग की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को पता चला कि कॉलोनी में कई ऐसे लोग रह रहे हैं जिनका सिंचाई विभाग से कोई संबंध नहीं है। इनमें कुछ रिक्शा चालक और ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं, जो वर्षों पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन अब भी सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए हुए हैं। इस स्थिति को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिशासी अभियंता, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि कॉलोनी में अवैध रूप से रह रहे सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी आवासों का उपयोग केवल उन्हीं कर्मचारियों द्वारा किया जाना चाहिए जो इसके लिए अधिकृत और पात्र हैं। किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा शासन की मंशा के विपरीत है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान कॉलोनी परिसर में कई स्थानों पर अतिक्रमण भी पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए, ताकि सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक सहायता की आवश्यकता पड़ती है तो सिंचाई विभाग के अनुरोध पर नगर मजिस्ट्रेट द्वारा पूरा सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी आवासों का नियमित सत्यापन कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी अनधिकृत व्यक्ति सरकारी आवासों पर कब्जा न कर सके। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण के बाद सिंचाई विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि विभाग अब अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार कर जल्द ही नोटिस जारी करेगा और नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती से लंबे समय से सरकारी आवासों पर अवैध रूप से कब्जा किए बैठे लोगों में हड़कंप मच गया है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी संसाधनों का लाभ केवल पात्र कर्मचारियों को ही मिलना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति नियमों के विरुद्ध सरकारी संपत्ति पर कब्जा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि सरकारी परिसंपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर उनका उपयोग शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।

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