रुड़की में बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, अधिकारियों पर तानाशाही और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। नगर की बिगड़ती विद्युत व्यवस्था, अघोषित बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में महानगर कांग्रेस ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बोट क्लब स्थित विद्युत विभाग के डीजीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विद्युत अधिकारियों पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने, मनमानी करने तथा उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए।
धरने को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि रुड़की नगर और आसपास के क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, व्यापारी और छात्र-छात्राएं परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग आम उपभोक्ताओं की जरूरतों को नजरअंदाज कर उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति कर रहा है। साथ ही, लोगों के घरों पर उनकी सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और लगातार बढ़ती बिजली दरों से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक करेगी।
पूर्व मेयर गौरव गोयल ने अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्वयं को जनता और जनप्रतिनिधियों से ऊपर समझते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक उठाना उचित नहीं समझते, जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब अधिशासी अभियंता के व्यवहार को लेकर कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस बढ़ने पर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और मौके पर जोरदार नारेबाजी करने लगे। लगभग एक घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद पुलिस की मौजूदगी में अधिक्षण अभियंता इंजीनियर विवेक राजपूत और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। बताया गया कि बढ़ते दबाव के बाद अधिशासी अभियंता ने अपने व्यवहार को लेकर क्षमा व्यक्त की, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने, जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने तथा बढ़ी हुई बिजली दरों पर पुनर्विचार करने की मांग रखी। इसके जवाब में अधिक्षण अभियंता इंजीनियर विवेक राजपूत ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि नगर में किसी प्रकार की घोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल रखरखाव और तकनीकी कार्यों के लिए आवश्यक होने पर सीमित समय के लिए शटडाउन लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर केवल इच्छुक उपभोक्ताओं को लगाए जा रहे हैं तथा यदि कहीं बिजली चोरी की सूचना मिलती है तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
विद्युत अधिकारियों द्वारा समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद कांग्रेस ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता विकास त्यागी, वैभव सैनी, पूर्व पार्षद संजय उर्फ गुड्डू, परवेज अहमद, प्रधान गौरव कुमार, नीरज सैनी, मेलाराम प्रजापति, पार्षद फजलूर्रहमान, नवीन कुमार जैन, मुनफैत अली, लवी त्यागी, वीना आनंद, यासमीन खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।


