पंजाब से फेक करेंसी गैंग के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 1.10 लाख के नकली नोट और प्रिंटर बरामद

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: पंजाब से फेक करेंसी गैंग के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 1.10 लाख के नकली नोट और प्रिंटर बरामद

हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पंजाब से फेक करेंसी गैंग के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 10 हजार रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर तथा एक वरना कार बरामद की है।

जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई को कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 10 जुलाई को न्यायालय की अनुमति से आरोपी टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर हरिद्वार पुलिस की टीम पंजाब पहुंची और वहां छापेमारी कर गैंग के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने पठानकोट हाईवे स्थित “बापू दा ढाबा” के पास से पवन कुमार को 5,000 रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे आरोपी सुखबीर सिंह को 1 लाख रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर और एक वरना कार सहित दबोच लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि पवन कुमार ढाबा संचालन की आड़ में नकली नोटों का कारोबार करता था, जबकि सुखबीर सिंह कपड़ों के व्यवसाय की आड़ लेकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। आरोपी असली 50 हजार रुपये के बदले 1 लाख रुपये के नकली नोट देकर भारी मुनाफा कमाते थे।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुखबीर सिंह पहले भी वर्ष 2020 में बैंक धोखाधड़ी के मामले और वर्ष 2024 में जाली करेंसी रखने के आरोप में पंजाब में जेल जा चुका है। वहीं पवन कुमार वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों की दोस्ती जेल में हुई थी और वहीं उन्होंने नकली नोटों का कारोबार शुरू करने की योजना बनाई।

पुलिस अब आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। यह भी जांच की जा रही है कि नकली नोट किन-किन राज्यों में सप्लाई किए जाते थे और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।

एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि हरिद्वार पुलिस संगठित अपराध और आर्थिक अपराधों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस मामले में भी पुलिस ने तकनीकी जांच, पूछताछ और सटीक रणनीति के बल पर पंजाब तक पहुंचकर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा, जबकि पूरे गिरोह की जांच अभी जारी है।

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