डीएम मयूर दीक्षित ने पुराने और क्षतिग्रस्त भवनों को चिन्हित कर सील करने के दिए निर्देश, लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार, 12 जुलाई। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच जनपद हरिद्वार में संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मयूर दीक्षित ने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों, ग्राम पंचायतों तथा विभागीय अधिकारियों को जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों, दीवारों और अन्य असुरक्षित संरचनाओं का तत्काल सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि हाल ही में हरिद्वार और चमोली में दीवार गिरने से हुई दुर्घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुराने भवनों और कमजोर दीवारों के गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय रहते एहतियाती कदम उठाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों, दीवारों तथा अन्य खतरनाक संरचनाओं का निरीक्षण कर उन्हें चिन्हित करें। जिन भवनों या परिसंपत्तियों से लोगों की सुरक्षा को खतरा है, उन्हें तत्काल सील अथवा बंद कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई विद्यालय, सामुदायिक भवन अथवा अन्य सार्वजनिक परिसर जर्जर स्थिति में पाया जाता है, तो उसे तत्काल उपयोग से बाहर कर सील किया जाए। ऐसे भवनों में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत मुनादी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) तथा अन्य स्थानीय माध्यमों से लोगों को लगातार जागरूक किया जाएगा कि वे वर्षाकाल के दौरान पुराने, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों या दीवारों के आसपास न जाएं और ऐसे भवनों में रहने से भी बचें।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई भवन, दीवार या अन्य संरचना असुरक्षित दिखाई देती है, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, संबंधित विभाग या आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। समय पर मिली सूचना से प्रशासन आवश्यक कार्रवाई कर संभावित हादसों को टाल सकता है।
मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण मिट्टी का कटाव, भवनों की नींव कमजोर होना और दीवारों में दरारें आना सामान्य बात है। ऐसे में विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि जर्जर भवनों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए। जिला प्रशासन का मानना है कि प्रशासनिक सतर्कता और आमजन की जागरूकता से बारिश के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी बनाए रखने के आदेश दिए हैं, ताकि मानसून के दौरान जनपद में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा स

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