उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन न मिलने से गहराया आर्थिक संकट

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

उत्तराखंड परिवहन निगम के चालक और परिचालक पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है, जबकि पांच माह से उनके भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान भी लंबित है। इस स्थिति ने उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार वेतन न मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारियों ने बताया कि वे अपने बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट मंडरा रहा है। घर का राशन, बिजली-पानी के बिल और अन्य आवश्यक खर्चों को संभालना दिन-ब-दिन चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि यदि जल्द ही वेतन और पीएफ का भुगतान नहीं किया गया तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है। कर्मचारियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
स्थिति तब और अधिक जटिल हो गई जब संबंधित ठेका कंपनी ने भी अपना अनुबंध समाप्त कर दिया। इससे कर्मचारियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अब वेतन भुगतान को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। कर्मचारियों को आशंका है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उन्हें लंबे समय तक इसी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की परेशानियों को समझती है और समाधान निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देता है और प्रभावित कर्मचारियों को राहत दिलाने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, परिवहन निगम के कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही उनकी आर्थिक परेशानियों का समाधान होगा।

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