वृंदावन में जीवनदीप आश्रम का भव्य लोकार्पण, देशभर के संत-महात्मा और जनप्रतिनिधि हुए शामिल

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

वृंदावन, 24 मार्च 2026। धार्मिक नगरी वृंदावन के सेक्टर-32, रुक्मिणी विहार स्थित जीवनदीप आश्रम, वृंदावन का भव्य लोकार्पण समारोह मंगलवार को अत्यंत गरिमामय और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं, विद्वानों और जनप्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के माहौल से सराबोर नजर आया।
समारोह में मोहन भागवत, ब्रजेश पाठक, मोहन यादव, आरिफ मोहम्मद खान, साध्वी ऋतम्भरा तथा स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देशभर से आए संत, श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
इस पावन कार्यक्रम के मुख्य यजमान डॉ. अभिषेक वर्मा रहे, जिनके करकमलों द्वारा आश्रम का लोकार्पण संपन्न हुआ। समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आश्रम को समाज सेवा और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र के रूप में समर्पित किया गया। आयोजन में उपस्थित लोगों ने इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ऐतिहासिक अवसर बताया।
अपने संबोधन में मोहन भागवत ने भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आश्रम समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से भी भारतीय परंपराओं और संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं साध्वी ऋतम्भरा ने आत्मचिंतन और सत्कर्मों को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि आध्यात्मिकता ही मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में भारतीय संत परंपरा को ज्ञान, संस्कृति और समाज सेवा का मजबूत आधार बताया। मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश मोहन यादव ने कहा कि ऐसे आश्रम सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों का भी उल्लेख करते हुए संत समाज के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मिजोरम का चापचार कुट (बांस नृत्य) विशेष रूप से लोगों को बेहद पसंद आया, जबकि हनुमान चालीसा पर युवाओं की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। पूर्वोत्तर भारत और लेह-लद्दाख की प्रस्तुतियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने समाज सेवा, त्याग और मानव कल्याण को संत परंपरा का मूल उद्देश्य बताया। वहीं आश्रम के अध्यक्ष स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि जीवनदीप आश्रम सनातन धर्म सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता के लिए समर्पित रहेगा तथा भविष्य में देश के अन्य शहरों में भी आश्रम की स्थापना की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक वर्मा ने सभी संत-महात्माओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीवनदीप आश्रम आने वाले समय में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सेवा का सशक्त केंद्र बनेगा। इस मौके पर अक्षय प्रताप सिंह (जिला महामंत्री, रुड़की), अरविंद कश्यप (व्यापार मंडल अध्यक्ष), सौरभ सिंघल, एस.एन. गोयल, कमल सैनी, रोमा सैनी, निरोत्तम योगी, विकास गिरी और सौरभ चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के सफल आयोजन से श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया और सभी ने आश्रम को समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता का नया केंद्र बनने की शुभकामनाएं दीं। 🙏

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