रुड़की में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमराई, शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर ज़िम्मेदार कौन

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। नगर निगम रुड़की में सफाई कर्मचारियों और कूड़ा वाहन चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे गंदगी का माहौल बन गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो शहर में संक्रामक और गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।दरअसल, नगर निगम में सफाई कर्मचारियों और कूड़ा वाहन चालकों को थर्ड पार्टी कंपनी के माध्यम से काम पर रखने के प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों के धरने पर बैठने के बाद नगर निगम के अधिकारी उन्हें मनाने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका है।
देवभूमि निकाय संयुक्त कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड) के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने नगर आयुक्त और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी थीं। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम में कई वर्षों से कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों और कूड़ा वाहन चालकों को नियमित किया जाए और उन्हें थर्ड पार्टी कंपनी के अधीन न किया जाए।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में 3 मार्च 2025 को स्वच्छता समिति और आउटसोर्सिंग कूड़ा वाहन चालकों को पक्का करने तथा उन्हें लगभग 30 हजार रुपये मासिक वेतन देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बावजूद कर्मचारियों को थर्ड पार्टी कंपनी के माध्यम से काम कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसका कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहा है।
कर्मचारियों की मांग है कि वर्ष 2003 से 2024 तक कार्य कर रहे सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए और उन्हें 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा मृतक कर्मचारियों के परिजनों को नियमानुसार नौकरी और पेंशन दी जाए तथा जिन कर्मचारियों को कार्य से हटाया गया है उन्हें दोबारा काम पर रखा जाए।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं और स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उधर पूर्व मेयर गौरव गोयल भी कर्मचारियों के धरने पर पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को उचित बताते हुए कहा कि इस विषय पर जल्द ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था ठप होने से पूरे नगर क्षेत्र में कूड़े और गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
शहरवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच जल्द सहमति बनना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके।






