January 27, 2026

इमलीखेड़ा नगर पंचायत में 34 करोड़ की पेयजल परियोजना शुरू, जनता ने चेयरमैन मनोज सैनी का किया भव्य स्वागत

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार जिले की दो नवगठित नगर पंचायतों इमलीखेड़ा और पाडली गुर्जर के लिए शुद्ध पेयजल की दिशा में एक बड़ी और अहम पहल की गई है। करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से इन दोनों नगर पंचायतों में पेयजल परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे लगभग 30 हजार की आबादी को शुद्ध और नियमित पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह परियोजना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए आवश्यक भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत दोनों नगर पंचायतों में आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिसमें पानी की टंकियों का निर्माण, पाइपलाइन नेटवर्क और घर-घर जल आपूर्ति की व्यवस्था शामिल है। परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
पेयजल निगम द्वारा तैयार की गई इस योजना में पाडली गुर्जर नगर पंचायत के लिए 58 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जबकि इमलीखेड़ा नगर पंचायत के लिए 34 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे। दोनों ही क्षेत्रों में जल भंडारण के लिए बड़ी टंकियां बनाई जाएंगी और पूरे नगर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाकर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे उन वार्डों को भी लाभ मिलेगा, जहां अब तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था।
नगर पंचायत बनने के बाद इन क्षेत्रों की आबादी में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी के चलते लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासतौर पर गर्मी के मौसम में पानी की समस्या गंभीर रूप ले लेती थी। कई स्थानों पर लोग हैंडपंप, निजी टैंकर या दूषित जल स्रोतों पर निर्भर थे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही थीं। इस परियोजना के लागू होने से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और जल जनित बीमारियों में भी कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना के अंतर्गत जल स्रोतों का संरक्षण, आधुनिक तकनीक से जल शोधन, मजबूत वितरण प्रणाली और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए क्षमता विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली आबादी को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो।

फोनिक्स यूनिवर्सिटी के चैयरमेन चेरब जैन ने कहा कि 92 करोड़ की पेयजल परियोजना इमलीखेड़ा और पाडली गुर्जर के लिए ऐतिहासिक कदम है। इससे हजारों लोगों को शुद्ध पानी मिलेगा। सरकार और 3प्रशासन की यह पहल जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह पेयजल परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, स्वास्थ्य बेहतर होगा और नगर पंचायतों की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी। कुल मिलाकर, 92 करोड़ रुपये की यह परियोजना इमलीखेड़ा और पाडली गुर्जर के हजारों परिवारों के लिए एक नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का रास्ता खोलने वाली साबित होगी।इमलीखेड़ा नगर पंचायत में 34 करोड़ की पेयजल परियोजना: चेयरमैन मनोज सैनी के प्रयासों से हजारों को मिलेगा शुद्ध पानी
हरिद्वार जिले की नवगठित नगर पंचायत इमलीखेड़ा में शुद्ध पेयजल की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल की गई है। नगर पंचायत चेयरमैन मनोज सैनी के सतत प्रयासों से लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल परियोजना शुरू की जा रही है, जिससे नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रवासियों के लिए यह परियोजना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं मानी जा रही है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद इमलीखेड़ा में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। आज सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर चेयरमैन मनोज सैनी का फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया और उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद प्रकट किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ेगा। स्थानीय नागरिकों ने चेयरमैन के जनहितकारी कार्यों की खुलकर सराहना की।
जानकारी के अनुसार, पेयजल परियोजना के लिए आवश्यक भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस योजना के तहत इमलीखेड़ा नगर पंचायत में आधुनिक और मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना में बड़ी क्षमता की पानी की टंकियों का निर्माण, पूरे नगर क्षेत्र में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाना और घर-घर जल आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। इसके पूरा होने के बाद स्वच्छ पेयजल सीधे लोगों के घरों तक पहुंचेगा।
पेयजल निगम द्वारा तैयार की गई इस योजना के अंतर्गत जल भंडारण के लिए अत्याधुनिक टंकियां बनाई जाएंगी और सभी वार्डों में समान रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे उन इलाकों को भी राहत मिलेगी, जहां अब तक पानी की भारी किल्लत बनी रहती थी। योजना को इस तरह तैयार किया गया है कि भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।
नगर पंचायत बनने के बाद इमलीखेड़ा की आबादी में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को खासकर गर्मी के मौसम में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ता था। कई मोहल्लों में लोग हैंडपंप, निजी टैंकर और कई बार दूषित जल स्रोतों पर निर्भर रहने को मजबूर थे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही थीं। इस परियोजना के लागू होने से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और जल जनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
इस अवसर पर फोनिक्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ने कहा कि यह पेयजल परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, स्वास्थ्य बेहतर होगा और नगर पंचायत की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि चेयरमैन मनोज सैनी के प्रयासों से 34 करोड़ रुपये की यह परियोजना हजारों परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कार्यक्रम में अजय गोयल, ज्ञानचंद प्रजापति, डॉ. विजय पाल, पिंका लाला, विकास सैनी, मास्टर महावीर सैनी, राधेश्याम पाल, महेन्द्र सैनी, संदीप सैनी, अनुज पाल, शोभाराम, पूनम सैनी, जलपरी सैनी, गुलबसर, हेमलता, संजीव सिंघल, बसंत सैनी, अर्जुन सैनी, अनुप सैनी, मुकुल सैनी, मोहित सैनी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और क्षेत्रवासी मौजूद 

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