सरकार पर बड़े नेताओं को बचाने का आरोप, कांग्रेस का सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन,ज़िला अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी को पुलिस ने किया नजरबंद

(ब्योरो – रिपोर्ट – दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस का आंदोलन तेजी पकड़ता जा रहा है। इसी क्रम में आज जिला कांग्रेस कमेटी रुड़की महानगर के तत्वाधान में कैंप कार्यालय से लेकर चंद्रशेखर चौक तक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए और बंद का समर्थन किया। मार्च के उपरांत चंद्रशेखर चौक पर भाजपा सरकार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।

जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित यह मार्च जिला कार्यालय से प्रारंभ होकर एसडीएम चौक, बस अड्डा, रुड़की टॉकीज चौराहा, सिविल लाइंस बाजार से होते हुए चंद्रशेखर चौक पर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग उठाई।
जिला अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा केंद्र को भेजे गए प्रत्यावेदन को सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही मैटर ऑफ कॉन्टेस्ट स्पष्ट किया गया है, जिसके आधार पर सीबीआई जांच होनी है। उन्होंने यह भी कहा कि एक अन्य व्यक्ति की तहरीर पर दर्ज मामले पर सीबीआई जांच की बात कही जा रही है, जबकि अगर यह मुकदमा बंद हो गया तो परिजनों के अधिकारों पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सरकार पर “बड़े नेताओं को बचाने की कोशिश” करने का आरोप भी लगाया।
वरिष्ठ नेता सचिन गुप्ता ने कहा कि निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब सीबीआई जांच न्यायाधीश की निगरानी में हो उन्होंने ज़िला अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने की घटना को भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाने वाला कदम बताया। वरिष्ठ नेता प्रणय प्रताप सिंह ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा ताकि भविष्य में ऐसे जघन्य अपराध दोबारा न हों। कार्यक्रम में विधायक फुरकान अहमद भी मौजूद रहे। आज के धरने और मार्च में जिला अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, विधायक फुरकान अहमद, सचिन गुप्ता, प्रणय प्रताप सिंह सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।



