डेढ़ लाख के कर्ज के लालच में दोस्त बना कातिल, नशे की हेवी डोज देकर ली जान

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार जनपद के ज्वालापुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दोस्ती का रिश्ता पैसों और नशे के लालच में खून से रंग गया। डेढ़ लाख रुपये की उधारी से बचने के लिए एक युवक ने अपने ही जिगरी दोस्त को नशे की हेवी डोज देकर मौत के घाट उतार दिया। हरिद्वार पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 दिसंबर 2025 को वैशाली देवी पत्नी दीपक भदौरिया, निवासी हरिपुर कला शांति मार्ग थाना रायवाला, जनपद देहरादून द्वारा कोतवाली ज्वालापुर में अपने 25 वर्षीय पुत्र सहजल उर्फ साहिल भदौरिया की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। बताया गया कि सहजल 24 दिसंबर 2025 को अपने दोस्त के साथ लाल पुल ज्वालापुर आया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
30 दिसंबर 2025 को लाल पुल ज्वालापुर के पास झाड़ियों में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम कराया। शव की पहचान गुमशुदा सहजल उर्फ साहिल भदौरिया के रूप में हुई। शव मिलने के बाद परिजनों ने सहजल की हत्या का आरोप उसके दोस्त पर लगाते हुए तहरीर दी, जिसके आधार पर गुमशुदगी को हत्या के मुकदमे में तरमीम करते हुए मुकदमा संख्या 764/2025 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली ज्वालापुर की एक विशेष टीम का गठन किया गया। दिनांक 2 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने अभियुक्त आर्य गिरी पुत्र विनोद गिरी, निवासी दुर्गा घाट श्मशान घाट रोड खड़खड़ी, कोतवाली नगर हरिद्वार, उम्र 25 वर्ष, को पुराना रानीपुर मोड़ रेलवे अंडरपास से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने सभी को हैरान कर दिया। अभियुक्त ने बताया कि वह और सहजल काफी पुराने दोस्त थे और दोनों ने कपड़ों के व्यापार में साझेदारी भी की थी। इसी दौरान दोनों नशे के आदी हो गए और इंजेक्शन के जरिए एविल व स्मैक का सेवन करने लगे। आरोपी ने बताया कि उस पर सहजल के करीब डेढ़ लाख रुपये बकाया थे। कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसने साजिश रची और एविल व स्मैक मिलाकर नशे की एक हेवी डोज तैयार की।
आरोपी ने पहले थोड़ी डोज खुद ली और शेष पूरी डोज सहजल को लगा दी। उसे पता था कि इतनी अधिक मात्रा में नशा जानलेवा साबित होगा। नशे की डोज लेने के बाद सहजल झाड़ियों में बेहोश होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी डर के मारे सहजल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। बाद में जब सहजल के परिजन और पुलिस आरोपी से पूछताछ करने पहुंचे, तो उसने डर के कारण सच्चाई छुपाए रखी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से नशे में प्रयुक्त सामग्री, एक खाली एविल इंजेक्शन, दो खाली सिरिंज सुई सहित और दो प्लास्टिक रेपर बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं यह मामला नशे और लालच के खतरनाक परिणामों की एक दर्दनाक मिसाल बनकर सामने आया है।

