रुड़की: गोलीबारी में घायल कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की मौत, एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान तोड़ा दम

(ब्योरो – दिलशाद खान।KNEWS)
हरिद्वार जनपद में 60 से अधिक संगीन आपराधिक मामलों में नामजद कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की शनिवार सुबह एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई। 24 दिसंबर की रात हुई गोलीबारी की घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और बीते कई दिनों से एम्स के ड्रामा आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती था। एम्स प्रशासन द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद हरिद्वार पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी एम्स ऋषिकेश में ही की जा रही है। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने बताया कि 24 दिसंबर को विनय त्यागी को रुड़की से लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए पुलिस अभिरक्षा में ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार दो ज्ञात बदमाशों ने पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग में विनय त्यागी को करीब तीन गोलियां लगीं, जबकि हमले के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए।
घायल विनय त्यागी को तत्काल रुड़की के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने बताया कि फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इस हमले के पीछे किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क या साजिश की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस बीच पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब विनय त्यागी की बेटी तन्वी त्यागी का बयान सामने आया। उसने अपने बयान में सुभाष त्यागी ठेकेदार को अपने पिता की हत्या का जिम्मेदार ठहराया है। बेटी के इस आरोप के बाद पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल कर लिया है और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
विनय त्यागी मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और उसने अपराध की दुनिया में अपनी पहचान मेरठ से बनाई थी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैले उसके आपराधिक नेटवर्क के चलते वह कई कुख्यात गिरोहों के संपर्क में रहा। काईशीपुर, रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में वर्चस्व को लेकर उसकी कई लोगों से पुरानी दुश्मनी चली आ रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, संगठित वसूली, डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों में दर्जनों मुकदमे दर्ज थे।
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड में अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना पुलिस की प्राथमिकता है। विनय त्यागी की मौत के बाद भी उससे जुड़े आपराधिक संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट और विस्तृत जानकारी जनता के सामने रखी जाएगी।






