October 1, 2026

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आजाद अली का हमला, बोले- “वोट चोरी से बड़ा अपराध कुछ नहीं”

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)

रुड़की। जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अली ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे “वोट चोरी” के आरोपों का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। आजाद अली ने कहा कि उनकी पार्टी उन सभी विपक्षी दलों के साथ खड़ी है, जो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हाल के दिनों में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विरोध तेज किया है। कई विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी उठाई है।

आजाद अली ने अपने बयान में आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में “वोट चोरी” का काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) इस तरह की किसी भी कथित गतिविधि के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वह केवल इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे, बल्कि यदि जांच में कोई अपराध या अनियमितता साबित होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “वोट चोरी से बड़ा अपराध कुछ नहीं हो सकता।” आजाद अली ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार को जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उनके अनुसार, देश में संविधान और कानून सर्वोच्च हैं तथा किसी भी संस्था के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।

“जनता लोकतंत्र और संविधान के साथ खड़ी होगी”

आजाद अली ने कहा कि भारत की जनता ने इतिहास में कई बड़े राजनीतिक बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि जब संविधान, कानून और नागरिकों के मताधिकार की बात आएगी तो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों और वर्गों के लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भी राजनीतिक ताकत के इस्तेमाल का आरोप लगाया। आजाद अली ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सरकार या संस्था को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिक्षा मंत्री विवाद का भी किया जिक्र

आजाद अली ने अपने बयान में शिक्षा मंत्री से जुड़े पुराने विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि शुरुआत में कुछ लोग कथित पेपर लीक के आरोपों को स्वीकार नहीं कर रहे थे, लेकिन बाद में स्थिति पर चर्चा और कार्रवाई हुई। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनावी विवाद में भी लोगों के सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रहे हैं, लेकिन जनता समय के साथ पूरे मामले को समझेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है।

वहीं, चुनाव आयोग आधिकारिक तौर पर चुनावी प्रक्रिया और SIR से संबंधित निर्णयों का बचाव करता रहा है और आयोग की ओर से कहा गया है कि निर्णय निर्धारित संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।

आजाद अली ने अंत में कहा कि उनकी पार्टी संविधान, कानून और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मौजूदा विवाद को लेकर सरकार और चुनाव आयोग से पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

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