अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर ‘प्रोजेक्ट एहसास 2.0’ का आयोजन, बुजुर्गों के साथ बांटी खुशियां
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
देहरादून, 1 अक्टूबर। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर रोट्रैक्ट क्लब ऑफ लॉ कॉलेज देहरादून की ओर से प्रेम धाम, देहरादून में ‘प्रोजेक्ट एहसास 2.0’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रोट्रैक्ट क्लब्स ऑफ ज़ोन 7, District 3080 के आधिकारिक ज़ोनल इवेंट के रूप में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान, अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के साथ उन्हें सुखद एवं यादगार समय उपलब्ध कराना रहा।
अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव का संदेश
‘प्रोजेक्ट एहसास 2.0’ की संकल्पना ज़ोनल हेड्स Rtr. युविका असवाल और Rtr. माहेन्या मिश्रा ने की। पहल के माध्यम से बुजुर्गों और युवाओं के बीच संवाद एवं भावनात्मक संबंध को मजबूत करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में करीब 35 बुजुर्ग महिलाओं ने सहभागिता की। उन्होंने रोट्रैक्टर्स के साथ अपने जीवन के अनुभव, संघर्ष, प्रेरणादायक प्रसंग और आध्यात्मिक विचार साझा किए।
बुजुर्गों को वितरित किए केयर हैम्पर्स
कार्यक्रम के दौरान क्लब सदस्यों ने बुजुर्गों के लिए केयर हैम्पर्स और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। इसके साथ ही जलपान की व्यवस्था भी की गई। आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को यह एहसास कराना भी था कि समाज में उनकी भूमिका और उनके अनुभव आज भी महत्वपूर्ण हैं।
संगीत और मनोरंजक गतिविधियों से सजा कार्यक्रम
कार्यक्रम में संगीत प्रस्तुतियां, कविता पाठ और विभिन्न इनडोर मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। रोट्रैक्टर्स और बुजुर्गों ने मिलकर इन गतिविधियों में हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम का माहौल खुशनुमा और आत्मीय बन गया। कई बुजुर्ग महिलाओं ने उत्साह के साथ गतिविधियों में भाग लिया और रोट्रैक्टर्स के साथ अपने अनुभव साझा किए।
ज़ोन 7 के क्लबों ने दिया सहयोग
इस पहल को ज़ोन 7 के विभिन्न रोट्रैक्ट क्लबों का सामूहिक सहयोग मिला। आयोजन में RAC Law College Dehradun, RAC IMS Unison, RAC SBSU और RAC BS Negi की सहभागिता रही। क्लब सदस्यों ने कार्यक्रम की योजना से लेकर इसके क्रियान्वयन तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
पीढ़ियों के बीच जुड़ाव का संदेश
‘प्रोजेक्ट एहसास 2.0’ के समापन पर रोट्रैक्टर्स ने बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि बुजुर्गों के अनुभव और जीवन की सीख समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वहीं, युवाओं की सहभागिता ने पीढ़ियों के बीच संवाद और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों के अनुसार, ‘प्रोजेक्ट एहसास 2.0’ सामुदायिक सेवा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रयास रहा। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित इस पहल ने बुजुर्गों के साथ समय बिताने, उनकी बात सुनने और उन्हें सम्मान एवं अपनत्व का एहसास कराने की जरूरत को भी सामने रखा।


