वरिष्ठ नागरिकों को सजग, सतर्क और आत्मनिर्भर रहना चाहिए: विनोद शर्मा
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की, 20 अगस्त। वरिष्ठ नागरिक परिषद परिवार, रुड़की की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सजग, सतर्क, कर्मठ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से वेटर लाइफ सेंटर, जामुन रोड पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों के सामने आने वाली सामाजिक, मानसिक और डिजिटल चुनौतियों के साथ-साथ स्वस्थ एवं शांतिपूर्ण जीवन जीने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत परिषद की आम बैठक से हुई। परिषद के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। उनके पास जीवन का लंबा अनुभव है, जिसका उपयोग समाज और युवा पीढ़ी को सही दिशा देने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की जिम्मेदारी केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें युवा पीढ़ी को कुरीतियों से बचाने, सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने और देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
परिषद के सचिव डॉ. विकास गोयल ने नए सदस्यों का परिचय कराया। इसके बाद परिषद के चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न कराए गए। इसमें विनोद शर्मा को अध्यक्ष तथा डॉ. विकास गोयल को पुनः सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। परिषद के संरक्षक के रूप में सुभाष सरीन एवं कुंवर कुलदीप सिंह को जिम्मेदारी दी गई। उपाध्यक्ष पद पर डॉ. मधुराका सक्सेना, प्रो. कमलेश चंद्रा एवं आर.पी. सिंह चुने गए।
इसके अलावा बीना सिंह, वी.के. शर्मा एवं डॉ. सुनील शर्मा को उप सचिव, बलराम गुप्ता को कोषाध्यक्ष, हर्ष प्रकाश काला को मीडिया प्रभारी तथा नरेंद्र आहुजा को समन्वयक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की जिम्मेदारी दी गई। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रो. भीष्म कुमार, रमेश रावल, प्रेम सरीन, प्रमोद सैनी, वी.के. भार्गव एवं जनक कोहली को शामिल किया गया।
कार्यशाला में हेल्पएज इंडिया, देहरादून से पहुंचे स्टेट हेड चैतन्य उपाध्याय एवं प्रोग्राम मैनेजर अंकिता चौधरी ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके दैनिक जीवन में आने वाली विभिन्न परेशानियों से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बने रहना चाहिए। शांत मन, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली को सुखमय जीवन का आधार बताते हुए उन्होंने कई उदाहरण भी साझा किए।
कार्यक्रम में अवधेश वर्मा ने डिजिटल फ्रॉड एवं ऑनलाइन लेनदेन को लेकर वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक किया। उन्होंने साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा ऑनलाइन लेनदेन में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
बैठक में उत्तराखंड फेडरेशन से संबद्धता लेने के विषय पर भी चर्चा की गई और इस संबंध में विचार-विमर्श के बाद आगे निर्णय लेने पर सहमति बनी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सहयोगियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
सचिव डॉ. विकास गोयल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिषद आगे भी वरिष्ठ नागरिकों के हितों, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। अंत में सभी ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सम्मान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विनोद शर्मा,सुभाष सरीन,वीरेंद्र कुमार शर्मा
मुंशी राम अरोड़ा,स्वामी एस. पी. गुप्ता,डॉ. भीष्म कुमार,डॉ. कमलेश चंद्र,वी. के. भार्गव,कुंवर कुलदीप,डॉ. आर. एन. गोयल,एच. पी. काला,कुसुम काला,विकास गोयल,आर. पी. सिंह,किरण हांडा,डॉ. राजीव गोयल,रेखा गोयल,डॉ. सुनील शर्मा,अंकिता चौधरी,चैतन्य (हेल्पएज इंडिया),शाकिब (हेल्पएज इंडिया),नीलम मचलेक,पशुपति मंडल,एम. एस. अधिकारी,राकेश्वर वर्मा,संजय मित्तल,विनोद मिश्रा,अनिल सिंह पुंडीर, भावना सिंधु,,आशा चंद्रा,
अमित माहेश्वरी,चंचल वाधवा,एन. के. गुप्ता,राम भरोसे पाल,अखिलेश वर्मा,अरविंद गुप्ता,पीयूष शर्मा,राजेश कुमार कंसल आदि उपस्थित रही।






