September 20, 2026

50 लाख की बैंक धोखाधड़ी का खुलासा: फर्जी डेबिट कार्ड बनाकर उड़ाए लाखों, तीन आरोपी गिरफ्तार

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में बैंकिंग फ्रॉड के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग का इस्तेमाल कर आईसीआईसीआई बैंक के एक खाताधारक का डेबिट कार्ड हासिल किया और उसके माध्यम से करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक स्कूटी, 12 लाख रुपये के प्लॉट की रजिस्ट्री, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब आईसीआईसीआई बैंक, पुराना रानीपुर मोड़ हरिद्वार के शाखा प्रबंधक अपूर्व दुबे ने कोतवाली नगर हरिद्वार में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बैंक के एक खाते से पिछले एक माह में लगभग 50 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। खाताधारक ने बैंक की बेंगलुरु शाखा में शिकायत कर बताया कि उसके खाते से हुई निकासी उसकी जानकारी के बिना की गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले, जिनकी लोकेशन के आधार पर भगवानपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार दबिश दी गई। आखिरकार मंडावर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहरपुर के पास खेतों के समीप खड़ी एक स्कूटी के पास मौजूद दो पुरुष और एक महिला को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी में पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संगीता देवी, अपेन्दर कुमार सहगल और रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार संगीता देवी के पास से 3 लाख रुपये नकद, फर्जी आधार कार्ड, आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। अपेन्दर कुमार के कब्जे से 4 लाख रुपये और मोबाइल फोन, जबकि रीनू उर्फ सोनू के पास से 6 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और आधार कार्ड मिला।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जी डेबिट कार्ड के जरिए उन्होंने देहरादून, रुड़की और दिल्ली से लगभग 35 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी। एटीएम से नकदी भी निकाली गई और बाद में ज्वेलरी बेचकर मिले पैसों से 12 लाख रुपये का प्लॉट संगीता देवी के नाम खरीदा गया। आरोपियों ने फोन बैंकिंग के जरिए पुराना डेबिट कार्ड बंद होने के बाद नया कार्ड भी जारी करा लिया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह बड़ी कंपनियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद बैंक की प्रक्रियाओं और फोन बैंकिंग का दुरुपयोग कर खाताधारकों की ई-मेल आईडी बदलवाकर नया डेबिट कार्ड जारी करा लेता था। फर्जी आधार कार्ड के जरिए कार्ड प्राप्त कर एटीएम से नकदी निकालने और महंगी खरीदारी करने का खेल चलता था। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह की नजर कई अन्य बड़ी कंपनियों के खातों पर भी थी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे में बढ़ोतरी करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर ली है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार इस संगठित बैंकिंग फ्रॉड में शामिल अन्य किरदारों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!