शक्ति विहार में जल निकासी विवाद पर सपा किसान मोर्चा का विरोध, समीर आलम बोले— ‘कॉलोनी और किसानों को तबाही की ओर धकेल रहा प्रशासन’

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

रुड़की। शक्ति विहार कॉलोनी में जल निकासी व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तराखंड किसान मोर्चा के पदाधिकारी समीर आलम ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गणेशपुर और महावीर एन्क्लेव क्षेत्र का पानी रेलवे लाइन के नीचे से शक्ति विहार की ओर मोड़ने का निर्णय स्थानीय निवासियों और किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने इस व्यवस्था को तत्काल रोकने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन किया जाएगा।
समीर आलम ने जारी बयान में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं, जिनका खामियाजा आम जनता और किसान भुगत रहे हैं। उनके अनुसार शक्ति विहार पहले से ही जलभराव की समस्या से जूझ रहा है और अब दूसरे इलाकों का पानी यहां मोड़ने से स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कॉलोनी के घरों में गंदा पानी भरने, सीवर व्यवस्था प्रभावित होने और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी एक क्षेत्र की समस्या का समाधान दूसरे क्षेत्र को संकट में डालकर नहीं किया जा सकता। प्रशासन को ऐसा स्थायी समाधान तलाशना चाहिए जिससे सभी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिले। उन्होंने कहा कि शक्ति विहार के निवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब उन पर अतिरिक्त जल निकासी का दबाव डालना न्यायसंगत नहीं है।
समीर आलम ने यह भी दावा किया कि शक्ति विहार के आगे स्थित झील की जलधारण क्षमता सीमित है। यदि गणेशपुर और महावीर एन्क्लेव का अतिरिक्त पानी वहां पहुंचता है तो झील के ओवरफ्लो होने की आशंका है। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में आसपास की कृषि भूमि जलमग्न हो सकती है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद होने का खतरा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि पहले से मौसम की मार और बढ़ती लागत से परेशान किसानों पर यह अतिरिक्त संकट आर्थिक रूप से भारी पड़ेगा।
समाजवादी पार्टी एवं उत्तराखंड किसान मोर्चा ने प्रशासन से मांग की है कि शक्ति विहार की ओर पानी का बहाव तत्काल प्रभाव से रोका जाए। साथ ही जल निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित कर पानी को मुख्य बड़े नाले से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी रिहायशी क्षेत्र या कृषि भूमि को नुकसान न पहुंचे। संगठन ने शक्ति विहार और झील के आसपास सुरक्षा दीवार तथा आवश्यक पंपिंग स्टेशन स्थापित करने की भी मांग उठाई है, जिससे भविष्य में जलभराव और ओवरफ्लो जैसी स्थिति से बचा जा सके।
समीर आलम ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो समाजवादी पार्टी और उत्तराखंड किसान मोर्चा स्थानीय नागरिकों और किसानों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि संगठन शक्ति विहार के निवासियों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!