हरिद्वार में STF/ANTF की बड़ी कार्रवाई,18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने हरिद्वार क्षेत्र में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए हैं। संयुक्त अभियान के दौरान नशा तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली, जबकि आरोपी पुलिस टीम को देखकर मौके से फरार हो गए। बरामद दवाइयों की बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस फरार तस्करों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
यह कार्रवाई माननीय मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत की गई। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा राज्यभर में नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में दिनांक 11 मई 2026 की शाम को STF/ANTF टीम ने थाना मंगलौर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से लंढौरा क्षेत्र में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। जांच में कैप्सूल पर “Acetaminophen, Tramadol Hydrochloride & Dicyclomine Hydrochloride Capsules” अंकित पाया गया। मौके पर बुलाए गए ड्रग इंस्पेक्टर श्री हरीश ने दवाइयों की जांच कर उन्हें प्रतिबंधित नशीली श्रेणी का बताया। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस जांच में फरार आरोपियों में से एक की पहचान फारुख पुत्र महमूद निवासी बहादराबाद, हरिद्वार के रूप में हुई है। उसके साथ एक अन्य अज्ञात साथी की भी तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से नशे की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। STF/ANTF अब इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
बरामदगी में 18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल के अलावा एक हीरो HF Deluxe मोटरसाइकिल संख्या UK08AF5637 भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस कार्रवाई में STF/ANTF टीम से निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उपनिरीक्षक दीपक मेठाणी, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल प्रशांत चौहान और कांस्टेबल दीपक नेगी शामिल रहे। वहीं थाना मंगलौर पुलिस टीम से उपनिरीक्षक राम बहादुर और कांस्टेबल नरेश ने सहयोग किया।
उत्तराखण्ड पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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