आईआईटी रुड़की में सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स का उद्घाटन, ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)

 Indian Institute of Technology Roorkee में शुक्रवार को भारत सरकार के केंद्रीय विद्युत मंत्री Manohar Lal Khattar ने सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स (CRA) का उद्घाटन किया। यह केंद्र फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (FOR) और आईआईटी रुड़की की संयुक्त पहल के तहत स्थापित किया गया है। कार्यक्रम को भारत के तेजी से विकसित हो रहे विद्युत क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (FOR) भारत में एक वैधानिक निकाय है, जो केंद्रीय एवं राज्य विद्युत नियामक आयोगों के बीच समन्वय स्थापित कर विद्युत क्षेत्र में नियामकीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने का कार्य करता है। जून 2024 में केंद्रीय विद्युत मंत्री का दायित्व संभालने के बाद से मनोहर लाल लगातार विद्युत क्षेत्र में संस्थागत सुधार, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दे रहे हैं। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और आने वाले समय में बढ़ती बिजली मांग, नवीकरणीय ऊर्जा के व्यापक उपयोग, विस्तारित ऊर्जा बाजारों तथा डिजिटल तकनीकों के कारण नई चुनौतियां सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स इन चुनौतियों से निपटने के लिए नीति निर्माण, अनुसंधान और क्षमता विकास का एक मजबूत मंच बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र “रेगुलेटरी सैंडबॉक्सिंग” और “डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी” जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और नवाचार को बढ़ावा देगा। साथ ही आईआईटी रुड़की से मौलिक अनुसंधान और भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने की अपेक्षा भी जताई। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग एवं फोरम ऑफ रेगुलेटर्स के अध्यक्ष Jishnu Barua ने कहा कि यह केंद्र देशभर में नियामकीय क्षमता निर्माण का प्रमुख संस्थान बन सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, प्रकाशनों और ज्ञान संसाधनों के माध्यम से यह केंद्र भारत को वैश्विक ऊर्जा नियमन के क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करेगा। आईआईटी रुड़की के निदेशक K. K. Pant ने कहा कि भारत के सतत और स्मार्ट ऊर्जा भविष्य के लिए मजबूत नियामकीय नवाचार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र एक बहु-विषयक मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां अकादमिक जगत, उद्योग, नीति निर्माता और नियामक संस्थाएं मिलकर ऊर्जा क्षेत्र की उभरती चुनौतियों का समाधान तलाशेंगी। सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स को राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान, प्रशिक्षण, परामर्श और ज्ञान प्रसार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति, ऊर्जा बाजार, ऊर्जा संक्रमण, लागत अनुकूलन और नियामकीय सुधार जैसे विषयों पर अध्ययन किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार और ऊर्जा योजना एवं विनियमन से जुड़े उच्च शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। फोरम ऑफ रेगुलेटर्स और आईआईटी रुड़की की यह साझेदारी नियामकीय नेतृत्व और शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक अनूठा मॉडल प्रस्तुत करती है, जिससे भारत के विद्युत क्षेत्र को भविष्य के लिए अधिक मजबूत, आधुनिक और अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

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