हरिद्वार में अवैध होटल निर्माण को लेकर प्राधिकरण और भाजपा नेता आमने-सामने,सील तोड़ने पर मुकदमा दर्ज

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार। हर की पौड़ी के समीप गंगा किनारे अवैध होटल निर्माण को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) द्वारा की गई सीलिंग कार्रवाई के बावजूद कथित रूप से निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने और सील तोड़े जाने के आरोपों ने मामले को तूल दे दिया है। इस पूरे प्रकरण में भाजपा मंडल अध्यक्ष किशन बजाज और प्राधिकरण आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गंगा तट के पास स्थित इस भूमि पर अखाड़े की संपत्ति में व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। आरोप है कि यह निर्माण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ने पहले भी दो से तीन बार निर्माण स्थल को सील किया था, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
हालांकि, प्राधिकरण की कार्रवाई के बावजूद निर्माण कार्य रुकने के बजाय दोबारा शुरू होने की बात सामने आई। आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष किशन बजाज ने सील तोड़कर निर्माण कार्य को फिर से शुरू कर दिया। इस घटना के बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। प्रशासन का कहना है कि नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, इस कार्रवाई के विरोध में किशन बजाज लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्राधिकरण द्वारा की गई कार्रवाई एकतरफा और अनुचित है। वे इसे राजनीतिक और प्रशासनिक उत्पीड़न बताते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। उनके समर्थक भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इस पूरे मामले पर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता प्रशांत सेमवाल ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि गंगा तट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्माण कार्य बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। इसलिए प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पहले सीलिंग की और अब सील तोड़े जाने पर कानूनी कदम उठाए गए हैं।
प्रशांत सेमवाल ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून को हाथ में लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले आवश्यक अनुमति अवश्य लें, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है और प्रशासन तथा स्थानीय नेताओं के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी हलचल देखने को मिल सकती है, वहीं प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






