कालोनियों में असामाजिक तत्वों का आतंक, ढंडेरा नगर पंचायत ने की सख्त कार्रवाई की मांग

(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
नगर पंचायत, ढंडेरा में बाहरी युवाओं की बेवजह आवाजाही ने क्षेत्रवासियों की टेंशन बढ़ा दी है। युवाओं के अभद्रता करने से लोगों का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। असामाजिक तत्वों पर रोक की मांग को लेकर सोमवार को क्षेत्रवासियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसमें क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाए जाने की मांग की गई है।
नगर पंचायत, ढंडेरा अध्यक्ष सतीश नेगी के नेतृत्व में दोपहर में अशोक नगर, शिवाजी कालोनी, आदर्श शिवाजी नगर, भारत कालोनी, न्यू भारत कालोनी, विजय नगर, गंगा एन्क्लेव, कीर्ति नगर, राजविहार, सरिता विहार एवं न्यू आदर्श शिवाजी नगर के लोग तहसील, रुड़की स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। जहां लोगों ने समस्त कालोनियों में दुपहिया एवं चौपहिया वाहनों पर बाहरी युवाओं की बेवजह आवाजाही की बात बताई। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बाहरी युवा बार-बार कालोनियों में चक्कर काटते रहते हैं, तेज रफ्तार से दुपहिया, चौपहिया वाहनों को दौड़ाते रहते हैं। कालोनी के जिम्मेदार लोगों ने युवाओं से इसका कारण पूछा तो युवाओं ने अभद्रता कर डाली। चेयरमैन सतीश नेगी के मुताबिक बाहरी और असामाजिक तत्वों की इस तरह की आवाजाही से क्षेत्रवासियों में दहशत और गुस्सा बना है। क्षेत्र की शांति व्यवस्था को देखते हुए तत्काल इस पर रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। ताकि क्षेत्रवासी निर्भिक होकर अपना जीवन यापन कर सके। इस मांग को लेकर उनके और क्षेत्रवासियों द्वारा राज्यपाल के नाम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया है।“ढंडेरा नगर पंचायत की कालोनियों में बाहरी युवाओं की लगातार बेवजह आवाजाही से आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आए दिन तेज रफ्तारवाहनों से माहौल खराब किया जा रहा है और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है, जो बेहद चिंताजनक है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में डर का माहौल बन रहा है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो। शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि लोग बिना भय के सामान्य जीवन जी सकें ।इसमें क्षेत्र की कालोनियों में पुलिस गश्त बढ़ाए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में सभासद विजय सिंह पंवार, कुंवर सिंह डंगवाल, ओमप्रकाश भट्ट, जगदीश खड़ायत, कुंवर सिंह चौधरी आदि शामिल रहे।






