November 2, 2026

बीएसएम संस्थान के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर सचिव रजनीश शर्मा का पलटवार, बोले—अब तक हुईं 51 जांचों में नहीं मिली वित्तीय अनियमितता

(ब्योरो दिलशाद खान KNEWS 18)

रुड़की। बीएसएम संस्थान में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान के सचिव रजनीश शर्मा ने संस्थान के खिलाफ किए जा रहे धरना-प्रदर्शन और लगाए जा रहे आरोपों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित लोग संस्थान को बदनाम करने के उद्देश्य से प्रदर्शन कर रहे हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान के संबंध में विभिन्न स्तरों पर अब तक लगभग 51 जांचें हो चुकी हैं, लेकिन इन जांचों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है।

रजनीश शर्मा ने बताया कि संस्थान के संबंध में मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच, शासन स्तर पर जांच, एसआईटी जांच और मौके पर भौतिक सत्यापन सहित विभिन्न स्तरों पर जांच की गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त 26 शिकायतों की भी जांच कराई जा चुकी है। उनके अनुसार, इन शिकायतों की जांच में भी वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई और सभी शिकायतों का जवाब दिया जा चुका है।

छात्रवृत्ति के मुद्दे पर दी सफाई

छात्रवृत्ति से संबंधित आरोपों पर सचिव रजनीश शर्मा ने कहा कि संस्थान में छात्रवृत्ति को लेकर न तो पहले कोई शिकायत थी और न ही वर्तमान में ऐसा कोई मामला है। इसके बावजूद कुछ लोग छात्रवृत्ति के नाम पर गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से संस्थान की छवि खराब करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

अध्यक्ष पद को लेकर भी रखा पक्ष

समाज के अध्यक्ष पद से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि पहले स्वर्गीय सुरेश चंद्र शर्मा अध्यक्ष थे, जबकि वर्तमान में अजय कौशिक निर्वाचित अध्यक्ष हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति पूर्व में निर्वाचित अध्यक्ष नहीं थे, बल्कि उन्होंने स्वयं को अध्यक्ष घोषित कर लिया था। सचिव ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग पहले भी संस्था के विरोध में सक्रिय थे और अब भी संस्थान को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।

कर्मचारियों से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई

कर्मचारियों से संबंधित मांगों और विवादों पर रजनीश शर्मा ने कहा कि इस संबंध में न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान से जुड़े मामलों में कोई भी कदम मनमाने ढंग से नहीं उठाया गया है और संबंधित कार्रवाई उत्तराखंड सरकार के संज्ञान में है।

समिति से ट्रस्ट में संपत्ति हस्तांतरण का मामला

संस्थान की संपत्ति के संबंध में उन्होंने बताया कि पहले यह संपत्ति समिति की थी, जबकि अब यह ट्रस्ट की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में सभी समुदायों के लोग सदस्य हैं और पहले सोसायटी से जुड़े रहे लोग भी अब ट्रस्ट के सदस्य हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।

न्यायालय के आदेश का दिया हवाला

प्रेस वार्ता में सचिव ने जनहित याचिका (पीआईएल) का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्राट शर्मा, सतीश शर्मा सहित अन्य लोगों के नाम इस मामले में शामिल थे। उनके अनुसार, याचिका में लगाए गए आरोपों और उठाए गए मुद्दों को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। उन्होंने संबंधित लोगों से न्यायालय का कोई अन्य आदेश होने पर उसे सार्वजनिक करने की मांग की।

रजनीश शर्मा ने दावा किया कि संस्थान के पास न्यायालय का ऐसा आदेश है, जिसमें याचिकाकर्ताओं को प्रॉक्सी याचिकाकर्ता माना गया और याचिका प्रथमदृष्टया खारिज कर दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। हालांकि, इन न्यायिक निष्कर्षों और दंड से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

बीएसएम शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष ममतेश कुमार शर्मा ने कहा कि संस्थान की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। संस्थान के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों पर तथ्यों और जांच रिपोर्टों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। सभी मामलों में नियमों और न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गलत प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी

अंत में सचिव रजनीश शर्मा ने कहा कि संस्थान के खिलाफ कथित तौर पर गलत प्रचार करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान अपनी गतिविधियां नियमों के अनुसार संचालित कर रहा है और किसी भी मामले में कानून की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

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