रामपुर तिराहा के अमर शहीदों को मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
हरिद्वार/मुजफ्फरनगर, 2 अक्टूबर। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों की स्मृति में शुक्रवार को रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और रामपुर तिराहा कांड में बलिदान देने वाले आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी।
शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव अथवा निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया। इसके लिए ₹27 लाख की धनराशि अवमुक्त किए जाने की जानकारी दी गई।
राज्य अतिथि गृह और संग्रहालय का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण की घोषणा की। इसके साथ ही स्मारक परिसर में स्थित पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने तथा संग्रहालय का विस्तार करने की बात कही। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को भी शामिल किया जाएगा।
01-02 अक्टूबर 1994 की घटना को बताया पीड़ादायक अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 और 2 अक्टूबर 1994 की रात दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ रामपुर तिराहा में हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है। उन्होंने कहा कि पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू सहित विभिन्न स्थानों पर संघर्ष और बलिदान दिया। इन्हीं संघर्षों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
आंदोलनकारियों के हितों के लिए उठाए कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, आश्रितों को नियुक्ति पत्र, आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तहसील स्तर पर सरल बनाने तथा समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के गठन का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राज्य पर्वों तथा जनपदीय एवं प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों में आंदोलनकारियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जा रहा है। परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क आवागमन की सुविधा भी दी जा रही है। इसके अलावा सड़कों और विद्यालयों का नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर रखने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्वर्गीय पंडित महावीर शर्मा के योगदान को भी नमन किया। उनकी प्रतिमा स्मारक परिसर में स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड के दौरान आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों को सहयोग और शरण दी। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका भी अतुलनीय रही है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक वंदना, पूर्व विधायक अशोक कंसल, राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, देशराज कर्णवाल, आदेश सैनी, चौधरी अजीत सिंह, मधु भट्ट, सुभाष बड़थ्वाल, पप्पू शर्मा, पंडित राजेंद्र अन्थवाल, सचिव संस्कृति विभाग युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, एडीएम जितेंद्र कुमार, एसपी देहात अभय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



