अक्टूबर तक आरओबी का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो 10 अक्टूबर से रेल रोको आंदोलन: हर्ष प्रकाश काला
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS 18)
रुड़की, 10 सितंबर 2026। ढंडेरा रेलवे स्टेशन के फाटक संख्या 512सी पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण में हो रही देरी को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति ने अब आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का ऐलान किया है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से केंद्रीय रेल मंत्री, महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस, मंडलीय प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल, मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार और जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है।
समिति ने स्पष्ट किया कि यदि 9 अक्टूबर 2026 तक फाटक संख्या 512सी पर आरओबी का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो 10 अक्टूबर 2026 से फाटक से ट्रेनों का संचालन रोकने के लिए अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन और चक्का जाम शुरू किया जाएगा।
समिति के अनुसार ढंडेरा रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रुड़की कैंट करने, फाटक संख्या 511बी पर अंडरपास और फाटक संख्या 512सी पर आरओबी बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर क्षेत्रवासी वर्ष 1987 से संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान धरना-प्रदर्शन, क्रमिक अनशन, रेल रोको आंदोलन और आमरण अनशन तक किए जा चुके हैं।
लंबे संघर्ष के बाद 14 मई 2012 को तत्कालीन जिलाधिकारी सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों और आंदोलनकारियों की बैठक हुई थी। समिति का दावा है कि बैठक में ढंडेरा रेलवे स्टेशन का नाम रुड़की कैंट करने, फाटक संख्या 511बी पर अंडरपास, फाटक संख्या 512सी पर आरओबी तथा रिजर्वेशन काउंटर बनाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद फरवरी 2013 में रेलवे विभाग ने फाटक संख्या 512सी पर आरओबी को स्वीकृति भी दी, लेकिन समिति के मुताबिक करीब 13 वर्ष 6 माह बीतने के बावजूद निर्माण स्थल पर एक ईंट तक नहीं लग सकी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि फाटक पर रेल यातायात अधिक होने के कारण यह अधिकांश समय बंद रहता है। इससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। मजबूरी में फाटक पार करने के दौरान कई बार रेल दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
हर्ष प्रकाश काला और अन्य वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, रेलवे अधिकारियों, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जिलाधिकारी तथा क्षेत्रीय सांसदों और विधायकों को कई बार ज्ञापन दिए गए और व्यक्तिगत रूप से भी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष है।
ज्ञापन देने वालों ने कहा कि क्षेत्र की जनता शांति चाहती है, लेकिन लगातार मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “आज नहीं तो कभी नहीं। अब 10 अक्टूबर से आर-पार की लड़ाई होगी।”
इस दौरान पूर्व सैनिक देव सिंह सांवत, रविन्द्र सिंह पंवार अध्यक्ष आदर्श शिवाजी नगर,गौर सिंह भंडारी, महिपाल सिंह रावत, विजय सिंह पंवार, दिनेश नेगी, ममता कुंवर, नंदन सिंह रावत, हिम्मत सिंह राणा, शांति बिष्ट, लक्ष्मी बिष्ट सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। अनुसूया प्रसाद जोशी, विनोद कोटनाला, गजे सिंह रावत, विद्या देवी, सुशीला चौहान, अशोक ध्यानी, जयवीर सिंह रावत, मदन सिंह चौधरी और हुक्म सिंह बिष्ट समेत कई लोगों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।
समिति ने सरकार और रेलवे को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अब क्षेत्रवासी किसी आश्वासन या बहकावे में नहीं आएंगे। “अबकी बार आर या पार” के नारे के साथ आंदोलन को निर्णायक बनाने का संकल्प लिया गया।
