मात्र 9.5 साल की उम्र में आहिल ने रचा इतिहास, 300 प्रतिभागियों को पछाड़कर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में बनाई जगह
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इसका जीवंत उदाहरण रुड़की के मात्र 9.5 वर्षीय होनहार खिलाड़ी आहिल ने पेश किया है। हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित वंदना कटारिया स्टेडियम में 26 जुलाई 2026 को आयोजित जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में आहिल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 300 प्रतिभागियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होकर रुड़की का गौरव बढ़ाया।
जिला स्तरीय इस प्रतियोगिता में हरिद्वार जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का स्तर बेहद चुनौतीपूर्ण था, जहां अनुभवी खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाना किसी भी प्रतिभागी के लिए आसान नहीं था। लेकिन बेहद कम उम्र के बावजूद आहिल ने आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
प्रतियोगिता के दौरान आहिल ने अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता और संतुलन के साथ प्रदर्शन किया। मैदान पर उनकी फुर्ती, एकाग्रता, खेल भावना और बेहतर तालमेल ने चयनकर्ताओं के साथ-साथ मौजूद दर्शकों को भी प्रभावित किया। कम समय की तैयारी के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन किसी असाधारण प्रतिभा का संकेत है। उनका मानना है कि यदि आहिल को लगातार बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और उचित मार्गदर्शन मिलता रहा, तो वह आने वाले समय में राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
आहिल की इस सफलता से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने बताया कि आहिल बचपन से ही खेलों के प्रति विशेष रुचि रखते हैं और प्रतिदिन नियमित अभ्यास करते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने खेल को भी पूरी गंभीरता से अपनाया और अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। परिवार का कहना है कि यह उपलब्धि उनके अथक परिश्रम और समर्पण का परिणाम है।
आहिल के प्रशिक्षकों ने भी उनकी सराहना करते हुए कहा कि वह बेहद अनुशासित, मेहनती और सीखने के इच्छुक खिलाड़ी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह मेहनत जारी रही तो आने वाले वर्षों में आहिल बड़े मंचों पर शानदार प्रदर्शन करेंगे और जिले के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
रुड़की के खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी आहिल की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि आहिल जैसे प्रतिभाशाली बच्चे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मात्र साढ़े नौ वर्ष की उम्र में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाले आहिल ने यह साबित कर दिया है कि सपनों को पूरा करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि जुनून, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें उनके आगामी प्रदर्शन पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि यह नन्हा खिलाड़ी भविष्य में देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।

