जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में कथित बल प्रयोग के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की। महानगर जिला कांग्रेस कमेटी रुड़की के तत्वावधान में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग के विरोध में बुधवार को पुरानी कचहरी स्थित उप-जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने उप-जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र-छात्राओं के समर्थन में आवाज बुलंद की। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों बेरोजगार छात्र-छात्राएं नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर छात्रों पर कथित बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और जनता की आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश कर रही है। राजेंद्र चौधरी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
पूर्व गृह राज्य मंत्री राम सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक रोकना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में लगातार विफल साबित हुई है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति को भेजे गए छह सूत्रीय ज्ञापन में कथित पुलिस कार्रवाई की उच्च स्तरीय जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की। पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा
“देश के युवाओं की आवाज़ को दबाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनकर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित और विश्वास कायम रह सके।” पूर्व मेयर प्रत्याशी पूजा गुप्ता ने कहा “छात्र-छात्राओं की शांतिपूर्ण आवाज़ को बलपूर्वक दबाना लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है। युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो और छात्रों की जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।”
इस अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल, पूर्व हज कमेटी अध्यक्ष राव शेर मोहम्मद, प्रदेश महासचिव विकास त्यागी, पूर्व मेयर प्रत्याशी पूजा गुप्ता, डॉ. हरविंदर सिंह, ओमबीर सिंह मलिक, अजय कुमार चौधरी, सुहैल अहमद, सुशील कश्यप, सुधीर चौधरी, सुनील शर्मा, मिंटू प्रधान, सुभाष चंद्र शर्मा, अताउर्रहमान, अनिल कुमार पुंडीर, उम्मेद गाजी, वैभव सैनी, लवी त्यागी, मेला राम प्रजापत, विजय पाल सिंह, गौरव प्रधान, नीरज सैनी, रिजवान अहमद, नूर आलम अंसारी, मोनू त्यागी, तारिक जावेद, इरशाद मीर, तुषार गोयल, अनूप शर्मा, यशवीर सिंह सैनी, नितिन जिंदल, रमेश कुमार, बाबू प्रधान, अनुज सालार, विनोद कुमार एडवोकेट, पंडित वीरेंद्र शर्मा, सुभाष चौधरी, राव शाहनवाज खां, शमशेर अली, राजकुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी भविष्य में व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।




