बूढ़पुर हत्याकांड का खुलासा: मृतक के तीन साथी ही निकले आरोपी, झूठी कहानी रचकर दूसरों को फंसाने की थी साजिश
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
रुड़की/मंगलौर। हरिद्वार पुलिस ने कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के ग्राम बूढ़पुर जट्ट में हुए चर्चित गोलीकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस की निष्पक्ष और वैज्ञानिक विवेचना में सामने आया कि जिन तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था, वे निर्दोष थे। वास्तविक घटना में मृतक के साथ मौजूद उसके तीन साथियों ने ही पुरानी रंजिश का फायदा उठाकर निर्दोष लोगों को हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा भी बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की शाम सूचना मिली थी कि ग्राम बूढ़पुर जट्ट के एक खेत में युवक को गोली लग गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सौरभ पुत्र राजेन्द्र निवासी बूढ़पुर जट्ट को अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने रोबिन, अनुज और प्रदुमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मामला उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल विशेष पुलिस टीम गठित कर निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी मंगलौर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों, 112 पर सूचना देने वाले व्यक्ति तथा अन्य संबंधित लोगों से गहन पूछताछ की। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्य और स्वतंत्र गवाहों के बयान प्रारंभिक तहरीर से मेल नहीं खा रहे थे, जिससे पुलिस को घटना पर संदेह हुआ।
गहन विवेचना में खुलासा हुआ कि मृतक सौरभ और उसके साथी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के शकरपुर गांव के कुछ लोगों से पुरानी रंजिश रखते थे। घटना वाले दिन सौरभ अपने साथियों के साथ एक अवैध तमंचा लेकर बूढ़पुर जट्ट पहुंचा था। खेत में तमंचे को खोलकर जांचने के दौरान अचानक गोली चल गई, जो सीधे सौरभ को जा लगी। गंभीर रूप से घायल सौरभ की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद सौरभ के साथ मौजूद उसके साथियों ने पुरानी दुश्मनी का फायदा उठाते हुए अनुज, रोबिन और प्रदुमन को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई और पुलिस को भ्रामक सूचना दी कि उन्हीं लोगों ने गोली चलाई है। हालांकि पुलिस की वैज्ञानिक जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण से पूरी सच्चाई सामने आ गई और झूठी कहानी का पर्दाफाश हो गया।
पुलिस ने इस मामले में सुमित पुत्र सुखबीर निवासी शकरपुर, थाना पुरकाजी (मुजफ्फरनगर), डिम्पल पुत्र नाहर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट तथा आशीष पुत्र बिंदर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में आवश्यक वैधानिक संशोधन करते हुए गैर-इरादतन हत्या से संबंधित धाराएं शामिल कर ली हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि निष्पक्ष जांच के चलते निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसने से बचा लिया गया और वास्तविक घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
