उत्तराखंड में बारिश का कहर: हरिद्वार और लक्सर में दो बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन, फायर सर्विस व SDRF ने छह लोगों की बचाई जान
(ब्योरो दिलशाद खान।KNEWS18)
हरिद्वार/लक्सर। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हरिद्वार और लक्सर से राहत एवं बचाव कार्यों की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं। एक ओर हरिद्वार के विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास स्थित काली कमली क्षेत्र में अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया, जिसमें चार लोग मलबे में फंस गए। वहीं दूसरी ओर लक्सर क्षेत्र के बसेड़ी गांव के पास जलभराव से घिरे एक निर्माणाधीन मकान में पूरी रात से फंसे पिता-पुत्र को पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों घटनाओं में राहत टीमों की त्वरित कार्रवाई के चलते कुल छह लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के निकट काली कमली क्षेत्र में गुरुवार को अचानक एक मकान गिर गया। मकान के मलबे में चार लोग दब गए, जिसकी सूचना तत्काल फायर स्टेशन मायापुर को दी गई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
फायर सर्विस के जवानों ने बेहद सावधानी और सूझबूझ के साथ मलबे को हटाते हुए चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाव अभियान के दौरान पता चला कि मलबे में फंसे लोगों में एक व्यक्ति बीमार था और चलने-फिरने में असमर्थ था। ऐसे में फायर सर्विस की टीम ने उसे स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन से एक बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी फायर सर्विस की तत्परता और साहसिक कार्य की सराहना की।
उधर, लक्सर क्षेत्र के बसेड़ी गांव के पास लगातार बारिश के कारण हुए जलभराव ने एक निर्माणाधीन मकान को चारों ओर से घेर लिया। मकान में निर्माण कार्य कर रहे पिता-पुत्र पूरी रात वहीं फंस गए और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। घटना की सूचना रुड़की कंट्रोल रूम के माध्यम से कोतवाली लक्सर पुलिस को मिली।
सूचना मिलते ही कोतवाली लक्सर पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने जलभराव के बीच सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पूछताछ में उनकी पहचान श्री राम (60 वर्ष) और उनके पुत्र संजय (40 वर्ष), निवासी ग्राम सिमली, लक्सर के रूप में हुई। दोनों निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे थे और अचानक पानी भर जाने के कारण बाहर नहीं निकल सके।
दोनों सफल रेस्क्यू अभियानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा की स्थिति में फायर सर्विस, पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई लोगों की जान बचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि भारी बारिश और जलभराव की स्थिति में नदी, नालों, जर्जर भवनों तथा अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस, फायर सर्विस या आपदा राहत एजेंसियों को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
